ग्लाइकोलिसिस में होने वाला सही अनुक्रम कौन-सा है?
(b) ग्लाइकोलिसिस का सही अनुक्रम इस प्रकार है
ग्लूकोस-6-फॉस्फेट 3-फॉस्फोग्लिसरैल्डिहाइड 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल फॉस्फोइनॉल
पाइरुवेट पाइरुविक अम्ल
NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
ग्लाइकोलिसिस में होने वाला सही अनुक्रम कौन-सा है?
(b) ग्लाइकोलिसिस का सही अनुक्रम इस प्रकार है
ग्लूकोस-6-फॉस्फेट 3-फॉस्फोग्लिसरैल्डिहाइड 3-फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल फॉस्फोइनॉल
पाइरुवेट पाइरुविक अम्ल
ग्लाइकोलिसिस की निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में क्रियाधार से जल का एक अणु निकाला जाता है?
(C) ग्लाइकोलिसिस में 2-फॉस्फोग्लिसरेट के फॉस्फोइनॉल पाइरुवेट में परिवर्तन के दौरान जल का अणु निकाला जाता है।
वायवीय श्वसन किण्वन की तुलना में अधिक उपयोगी रासायनिक ऊर्जा उत्पन्न करता है, क्योंकि किण्वन में होता है
वायवीय श्वसन के दौरान भोजन का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है। अतः इसमें ग्लूकोस का एक अणु 36 ATP उत्पन्न करता है, जबकि किण्वन में भोजन आंशिक रूप से ऑक्सीकृत होता है तथा CO2 + H2O के स्थान पर एथिल ऐल्कोहॉल बनता है और प्रति ग्लूकोस अणु 2 ATP का उत्पादन होता है।
RQ (श्वसन गुणांक) को किस रूप में परिभाषित किया जाता है
(c) ईंधन पदार्थों के पूर्ण दहन के दौरान बनी CO2 तथा प्रयुक्त O2 का अनुपात श्वसन गुणांक कहलाता है। RQ को गैनॉन्ग के श्वसनमापी द्वारा मापा जा सकता है।
RQ =
भूरी वसा में रंग किस कारण होता है
(c) भूरा रंग वसा में उपस्थित लोहयुक्त साइटोक्रोम वर्णक के कारण होता है। भूरी वसा की वसा कोशिकाएँ बहुकोष्ठीय होती हैं, प्रत्येक कोशिका में अनेक छोटी वसा गोलिकाएँ होती हैं। इसमें बड़ी संख्या में माइटोकॉन्ड्रिया भरे रहते हैं।
यह शीतनिष्क्रिय स्तनधारियों जैसे चूहों तथा अन्य कृंतकों आदि में पायी जाती है।
कोशिकीय श्वसन की अवस्थाओं का सही क्रम क्या है ?
कोशिकीय श्वसन की अवस्थाओं का सही क्रम है
कोशिकीय श्वसन किसके द्वारा किया जाता है
कोशिकीय श्वसन माइटोकॉन्ड्रिया द्वारा किया जाता है। क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में होता है तथा इलेक्ट्रॉन परिवहन शृंखला आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली में होती है।
वह प्रक्रिया जिसके द्वारा माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली में ATP उत्पन्न होता है। इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र प्रोटॉनों को भीतरी कक्ष से बाहरी कक्ष में स्थानांतरित करता है; जैसे ही प्रोटॉन पुनः भीतरी कक्ष में लौटते हैं, उनकी गति की ऊर्जा ADP में फॉस्फेट जोड़कर ATP बनाने में प्रयुक्त होती है।
(a) रसोपरासरण किसी वरणात्मक पारगम्य झिल्ली के आर-पार आयनों का विसरण है। अधिक विशेष रूप से, यह कोशिकीय श्वसन के दौरान झिल्ली के आर-पार हाइड्रोजन आयनों की गति द्वारा ATP के निर्माण से संबंधित है।
ATP सिंथेज वह एंजाइम है जो रसोपरासरण द्वारा ATP बनाता है। रसोपरासरण द्वारा ATP का निर्माण हरितलवकों तथा माइटोकॉन्ड्रिया में एवं कुछ जीवाणुओं में भी होता है।
निम्नलिखित में से कौन सत्य नहीं है?
पृष्ठ संख्या-226
परिचय
पादपों में श्वसन
निम्नलिखित कथन सत्य हैं, सिवाय
पृष्ठ संख्या-227
परिचय
पादपों में श्वसन
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।