NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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TCA चक्र के सभी एंजाइम माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में स्थित होते हैं, केवल एक को छोड़कर जो सुकेंद्रकियों में आंतरिक माइटोकॉन्ड्रियल झिल्ली में तथा प्रोकैरियोटों में कोशिकाद्रव्य में स्थित होता है। यह एंजाइम है

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(d) सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज एंजाइम माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली पर उपस्थित होता है तथा सक्सिनेट के फ्यूमैरेट में ऑक्सीकरण का उत्प्रेरण करता है।

ग्लाइकोलिसिस, क्रेब्स चक्र तथा इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र का समग्र लक्ष्य किसका निर्माण है:

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(a) ग्लाइकोलिसिस, क्रेब्स चक्र तथा इलेक्ट्रॉन परिवहन तंत्र भिन्न-भिन्न चरणों में ATP संश्लेषण के लिए होते हैं। ATP कोशिका की ऊर्जा मुद्रा है।

ग्लूकोस के एक अणु से अधिकतम कितने ATP अणु बन सकते हैं, यदि ग्लूकोस के एक मोल का CO2 तथा H2O में पूर्ण ऑक्सीकरण 686 kcal देता है तथा ATP के एक मोल के उच्च ऊर्जा फॉस्फेट बंध में उपलब्ध उपयोगी रासायनिक ऊर्जा 12 Kcal है?

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ATP का एक मोल 12 kcal ऊर्जा मुक्त करता है। अतः 686 kcal से 686/12 = 57.1 ATP अणु बनेंगे।

TCA चक्र को वायवीय पथ माना जाता है क्योंकि

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(c): TCA चक्र ईंधन अणु के ऐसीटिल CoA के माध्यम से ऑक्सीकरण हेतु चक्रीय जैवरासायनिक अपचयी पथ है, जिसमें ऐसीटिल CoA पूर्णतः ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड तथा जल बनाता है। क्रेब्स चक्र माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री में चलता है क्योंकि उसमें घुलनशील एंजाइमों का जटिल मिश्रण होता है जो पाइरुविक अम्ल तथा अन्य छोटे अणुओं के श्वसन का उत्प्रेरण करता है। इस चक्र में 9 एंजाइमी चरण होते हैं, जिनमें से चार विहाइड्रोजनीकरण हैं

क्रेब्स चक्र में GTP किसमें बनता है

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(a) : क्रेब्स चक्र में GTP, सक्सिनिल CoA के सक्सिनिक अम्ल या सक्सिनेट में परिवर्तन के दौरान बनता है। इस अभिक्रिया के लिए आवश्यक एंजाइम सक्सिनिल थायोकाइनेज है। इस अभिक्रिया में होने वाला फॉस्फोरिलीकरण क्रियाधार स्तरीय फॉस्फोरिलीकरण है, जिसमें ATP संश्लेषण सीधे ऊर्जा मुक्ति से जुड़ा होता है।

श्वसन में 180g ग्लूकोस से निम्नलिखित में से क्या बनता है?

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(b) श्वसन में, 180gm ग्लूकोस से 264 gm CO2+ 108gm H2O + 686 Kcal ऊर्जा बनती है।

C6H12O6 + 6O2            6CO2 + 6H2O Kcal

C का परमाणु भार =12, H = 1, O=16

C6H12O6  = (12 ×6 + 12 × 1 + 16 × 6)                  = 180 gm    6CO2    = 6(12 + 16 × 2)                  = 264 gm    6H2O    =6(2 ×1 + 16)                  = 108 gm            From 1 molecule or 180 gm of glucose, through respiration, 264 gm CO2, 108gm H2O and 686 Kcal energy are formed.

ग्लाइकोलिसिस लगभग सभी प्रकार की वायवीय/अवायवीय कोशिकाओं के कोशिकाद्रव्य में पायी जाती है। इस प्रक्रिया में ग्लूकोस किसमें परिवर्तित होता है :

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(c) : ग्लाइकोलिसिस में हेक्सोस शर्करा (ग्लूकोस/फ्रक्टोस) का एक अणु, जो 6C-यौगिक है, विभाजित होकर
3C-यौगिक पाइरुविक अम्ल (CH3COCOOH) के दो अणु बनाता है।

निम्नलिखित में से कौन ग्लाइकोलिसिस तथा क्रेब्स चक्र के बीच संयोजक कड़ी है?

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(a) : ग्लाइकोलिसिस श्वसन का प्रथम चरण है जिसमें ग्लूकोस टूटकर पाइरुवेट बनाता है। ग्लाइकोलिसिस के दौरान ग्लूकोस का 1 अणु कोशिकाद्रव्य में पाइरुविक अम्ल के 2 अणुओं में बदल जाता है। पाइरुविक अम्ल के ये दो अणु फिर विकार्बोक्सिलीकरण द्वारा ऐसीटिल CoA में बदल जाते हैं। यही ऐसीटिल CoA ग्लाइकोलिसिस तथा क्रेब्स चक्र के बीच संयोजक कड़ी है तथा क्रेब्स चक्र के लिए प्रवेशी क्रियाधार का कार्य करता है। इस प्रकार बना ऐसीटिल CoA क्रेब्स चक्र में भाग लेता है तथा ऑक्सैलोऐसीटिक अम्ल से संयोग करके सिट्रेट बनाता है।

डीकार्बोक्सिलेज एंजाइम निम्नलिखित चरण का उत्प्रेरण करता है

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(c): ऑक्सैलोसक्सिनेट डीकार्बोक्सिलेज एंजाइम द्वारा विकार्बोक्सिलीकृत होकर α-कीटोग्लूटारेट बनाता है। यह क्रेब्स चक्र के चरणों में से एक है। इसमें CO2 का एक अणु मुक्त होता है।

Oxalosuccinate Mg2+Decarboxylase α-ketoglutarate + CO2

कौन-सा एंजाइम ATP से कार्बोहाइड्रेट को फॉस्फेट समूह के स्थानांतरण में सहायता करता है?

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ATP से किसी कार्बोहाइड्रेट को फॉस्फेट समूह का स्थानांतरण फॉस्फोरिलीकरण कहलाता है तथा यह फॉस्फोरिलेज एंजाइमों की उपस्थिति में होता है। जैसे, ग्लूकोस (एक कार्बोहाइड्रेट) हेक्सोकाइनेज या ग्लूकोकाइनेज एंजाइम तथा Mg2+  की उपस्थिति में ATP द्वारा फॉस्फोरिलीकृत होकर ग्लूकोस-6-फॉस्फेट बनता है।

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