NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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जिस पादप जाति की सहायक कोशिकाओं में 8 गुणसूत्र हैं, उसकी एल्यूरोन परत की कोशिकाओं में गुणसूत्रों की संख्या क्या होगी ?

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Explanation

सहायक कोशिकाएँ पुष्पी पादप के बीजांड के परिपक्व भ्रूणकोश में अंड के निकट स्थित दो अल्पजीवी अगुणित कोशिकाएँ हैं। जबकि भ्रूणपोष त्रिसंलयन के बाद बना त्रिगुणित ऊतक है। अतः यदि सहायक कोशिकाओं में 8 गुणसूत्र हैं, तो एल्यूरोन परत (भ्रूणपोष का भाग) में सहायक कोशिकाओं के गुणसूत्रों का तिगुना, अर्थात् 24 गुणसूत्र होंगे।

 

अनिषेकफली टमाटर के फल किसके द्वारा उत्पन्न किए जा सकते हैं :

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 अनिषेकफलन पूर्व निषेचन के बिना फलों का परिवर्धन है जिससे बीजरहित फल बनते हैं। कुछ पादप जातियों में अनिषेकफली (बीजरहित) फल प्राकृतिक रूप से बन सकते हैं अथवा अपरागित पुष्पों को ऑक्सिन से उपचारित करके प्रेरित किए जा सकते हैं। जैसे, अनिषेकफली टमाटर के फल पादपों को जिबरेलिक अम्ल (फल-निर्माण को बढ़ावा) तथा ऑक्सिन (परिवर्धन प्रक्रिया पूर्ण करता है) की कम सांद्रता से उपचारित करके उत्पन्न किए जा सकते हैं।

पराग मुक्त होने से पूर्व पुमंग हटाना विपुंसन कहलाता है जो अवांछित निम्न परागण रोकने में सहायक है।

वसंतीकृत बीज प्रसुप्ति तोड़ने के लिए शीत-उपचारित बीज होते हैं।

फेनिल मर्क्यूरिक ऐसीटेट एक वाष्पोत्सर्जनरोधी है।

द्विबीजपत्री पादप के सामान्य भ्रूणकोश में केंद्रकों की व्यवस्था है :

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आवृतबीजियों (द्विबीजपत्रियों) में Polygonum प्रकार का भ्रूणकोश सर्वाधिक सामान्य है। इस भ्रूणकोश में केंद्रकों की व्यवस्था 3+2+3 होती है, अर्थात्, 3 प्रतिमुखी कोशिकाओं में, 2 ध्रुवीय केंद्रकों के रूप में (जो बाद में संलयित होकर द्विगुणित द्वितीयक केंद्रक बनाते हैं); तथा 3 अंड उपकरण में (2 सहायक कोशिकाओं में एवं 1 अंड कोशिका में)।

आवृतबीजियों में लघुबीजाणुजनन तथा गुरुबीजाणुजनन

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लघुबीजाणुजनन तथा गुरुबीजाणुजनन दोनों घटनाओं में अर्धसूत्रण की प्रक्रिया सम्मिलित होती है जिससे लघुबीजाणु या गुरुबीजाणु मातृ कोशिकाओं से अगुणित युग्मक बनते हैं।

पुष्प किसमें एकलिंगी होते हैं

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खीरा कुकुरबिटेसी कुल का सदस्य है। इस कुल के सदस्यों में पुष्प एकलिंगी होते हैं तथा नर एवं मादा पुष्प भिन्न पादपों पर (एकलिंगाश्रयी) या एक ही पादप पर (उभयलिंगाश्रयी) लगते हैं।

कच्चे नारियल का नारियल जल है

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कच्चे नारियल का नारियल जल, जिससे हम परिचित हैं, मुक्त-केंद्रकी भ्रूणपोष (हजारों केंद्रकों से बना) के अतिरिक्त कुछ नहीं है तथा उसके चारों ओर की सफेद गिरी कोशिकीय भ्रूणपोष है। भ्रूणपोष परिवर्धन के सर्वाधिक सामान्य प्रकार में प्राथमिक भ्रूणपोष केंद्रक (PEN) क्रमिक केंद्रक विभाजनों द्वारा मुक्त केंद्रक बनाता है। भ्रूणपोष परिवर्धन की इस अवस्था को मुक्त-केंद्रकी भ्रूणपोष कहते हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा फल अनिषेकफली है?

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अनिषेकफलन निषेचन/बीज निर्माण के बिना फल विकसित करने की प्रक्रिया है। अतः संतरा, केला, तरबूज, नींबू आदि जैसे आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण फलों की बीजरहित किस्में इसी तकनीक से उत्पन्न की जाती हैं। इस तकनीक में ऑक्सिन जैसे पादप वृद्धि हॉर्मोनों के प्रयोग द्वारा फल-निर्माण प्रेरित किया जाता है।

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

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(d) मधु मधुमक्खियों द्वारा मकरंद तथा पराग से बनाया जाता है। मधुमक्खियाँ वसंत में पराग तथा मकरंद एकत्र करती हैं, जब अधिकांश पुष्प एवं पादप खिले होते हैं। वे इन्हें लगभग एक घंटे तक अपने उदर में रखती हैं, मकरंद मधुमक्खियों द्वारा उत्पन्न प्रोटीनों एवं एंजाइमों से मिल जाता है, जो मकरंद को मधु में बदल देते हैं।

परिभ्रूणपोष भ्रूणपोष से किसमें भिन्न होता है

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(c) काली मिर्च तथा चुकंदर जैसे कुछ बीजों में बीजांडकाय के अवशेष भी बने रहते हैं; यह बना रहने वाला बीजांडकाय परिभ्रूणपोष कहलाता है। भ्रूणपोष ऊतक की कोशिकाएँ संचित भोजन पदार्थों से भरी रहती हैं तथा विकसित हो रहे भ्रूण के पोषण में प्रयुक्त होती हैं। मुख्य अंतर यह है कि परिभ्रूणपोष बीजों में उपस्थित रहता है तथा भ्रूणपोष विकसित हो रहे भ्रूण के संचित भोजन के रूप में रहता है जो परिवर्धन के दौरान उसके द्वारा पूर्णतः खप जाता है

परागकण किस अवस्था में मुक्त होते हैं?

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अधिकांश आवृतबीजियों में परागकण परागकोश से द्विकोशिकीय (2-कोशिकीय) अवस्था में मुक्त होते हैं। किंतु कुछ वंशों में (एकबीजपत्री तथा द्विबीजपत्री दोनों) जनन कोशिका परागकोश के स्फुटन से पूर्व ही विभाजित हो जाती है और परागकण 3-कोशिकीय अवस्था में मुक्त होता है। लगभग 70% जातियाँ अपने पराग 2-कोशिकीय अवस्था में तथा 30% 3-कोशिकीय अवस्था में मुक्त करती हैं।

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Frequently Asked Questions

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