परागकण ताप की चरम दशाओं तथा निर्जलीकरण को सह पाते हैं क्योंकि उनका बाह्यचोल किससे बना होता है
बाह्यचोल परागकण की बाहरी परत है जो ऐसीटोलिसिस-प्रतिरोधी परत है। यह भौतिक तथा जैविक अपघटन के प्रति भी प्रतिरोधी है। बाह्यचोल के इसी गुण के कारण परागकण जीवाश्म निक्षेपों में लंबे समय तक भली-भाँति परिरक्षित मिलते हैं।