निम्नलिखित में से क्या पुंतंतु के समीपस्थ सिरे से जुड़ा होता है?
प्रारूपी पुंकेसर के दो भाग हैं – लंबा एवं पतला वृंत जिसे पुंतंतु कहते हैं, तथा अंतस्थ सामान्यतः द्विपालि संरचना जिसे परागकोश कहते हैं। पुंतंतु का समीपस्थ सिरा पुष्प के पुष्पासन अथवा दल से जुड़ा रहता है।