NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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वृत्ताकार DNA कहाँ पाया जाता है:

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Explanation

जीवाणुओं, हरितलवक तथा सूत्रकणिका में वृत्ताकार DNA होता है।

यदि किसी DNA अणु में साइटोसीन 18% है, तो ऐडेनीन का प्रतिशत होगा:

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Explanation

A + G + C + T = 100%

चूँकि C = G = 18%

A + 18% + 18% + T = 100%

A + T = 64%

तथा A = T होने से

A = 32% और T = 32%

अतः ऐडेनीन 32% होगा।

DNA के अर्धसंरक्षी प्रतिकृतिकरण को सिद्ध करने में प्रयुक्त समस्थानिक थे:

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14NH4Cl तथा नाइट्रोजन का भारी समस्थानिक 15NH4Cl का प्रयोग

मैथ्यू मेसेल्सन तथा फ्रैंकलिन स्टाल द्वारा 1958 में अर्धसंरक्षी DNA

प्रतिकृतिकरण के प्रयोग में किया गया था।

(पृष्ठ-104)

जीवाणु न्यूक्लिओइड में होता है:

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Explanation

प्रोकैरियोटों में, जैसे E. coli में, DNA सम्पूर्ण कोशिका में बिखरा नहीं रहता।

द्विरज्जुकी DNA कुछ प्रोटीनों के साथ एक क्षेत्र में बँधा रहता है जिसे

‘न्यूक्लिओइड’ कहते हैं। न्यूक्लिओइड का DNA प्रोटीनों द्वारा थामे गए बड़े लूपों में संगठित रहता है।

(पृष्ठ-99)

कल्पना कीजिए कि किसी कोशिका में DNA प्रतिकृतिकरण के दौरान एक त्रुटि होती है, जिससे किसी जीन में जहाँ T होना चाहिए वहाँ इसके स्थान पर G आ जाता है। इसका कोशिका पर सम्भवतः क्या प्रभाव पड़ेगा?

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Explanation

जब DNA प्रतिकृतिकरण के चरण पर त्रुटि होती है, तो वह आगे अनुलेखन अर्थात् mRNA के निर्माण तथा अनुवादन अर्थात् प्रोटीन के संश्लेषण को भी प्रभावित करती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि DNA अणु अनुलेखन में पूर्ववर्ती का कार्य करता है और यदि उसमें कोई त्रुटि समाविष्ट हो जाए तो वह आगे तक ले जाई जाती है।

पॉलीपेप्टाइड संश्लेषण के चित्रों के एक क्रम में एक राइबोसोम दो स्थानांतरण RNA को थामे हुए दिखाया गया है। एक tRNA से एक पॉलीपेप्टाइड शृंखला जुड़ी है; दूसरे tRNA से एक अकेला अमीनो अम्ल जुड़ा है। अगला चित्र क्या दर्शाएगा?

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स्तम्भ-I  स्तम्भ-II
I. प्रचालक स्थल  (A) RNA पॉलिमरेज हेतु बंधन स्थल
II. उन्नायक स्थल  (B) दमनकारी अणु हेतु बंधन स्थल
III. संरचनात्मक जीन  (C) एन्जाइम प्रोटीन के लिए कूट करता है
IV. नियामक जीन  (D) दमनकारी अणुओं के लिए कूट करता है
सही मिलान है:

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Explanation

उपर्युक्त स्थल तथा जीन lac ऑपेरॉन से सम्बंधित हैं।

  1. प्रचालक स्थल: दमनकारी का बंधन
  2. उन्नायक स्थल: RNA पॉलिमरेज का बंधन
  3. संरचनात्मक जीन: एन्जाइमों की प्रोटीनों के लिए कूट करता है
  4. नियामक जीन: दमनकारी अणुओं के लिए कूट करता है

(पृष्ठ-117)

स्तम्भ-I  स्तम्भ-II
I. समापन  (A) ऐमीनोऐसिल tRNA सिंथेटेज
II. अनुवादन  (B) ओकाजाकी खंड
III. अनुलेखन  (C) GTP-आश्रित मोचक कारक
IV. DNA प्रतिकृतिकरण  (D) RNA पॉलिमरेज
सही मिलान है:

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  1. समापन: GTP-आश्रित मोचक कारक अनुवादन में समापन कोडॉन को पहचानता है तथा अनुवादन के प्रक्रम को समाप्त कर देता है।
  2. अनुवादन: ऐमीनोऐसिल tRNA सिंथेटेज वे एन्जाइम हैं जो अनुवादन में किसी अमीनो अम्ल को उसके संगत tRNA से जोड़कर ऐमीनोऐसिलीकरण अभिक्रिया को उत्प्रेरित करते हैं।
  3. अनुलेखन: अनुलेखन का प्रक्रम प्रोकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज तथा यूकैरियोटों में RNA पॉलिमरेज I, II तथा III द्वारा सम्पन्न होता है।
  4. DNA प्रतिकृतिकरण: अर्धसंरक्षी DNA प्रतिकृतिकरण के दौरान अग्रगामी रज्जुक सतत होती है जबकि पश्चगामी रज्जुक असतत होती है तथा ओकाजाकी खंडों से बनी होती है।

1953 में जेम्स वाटसन तथा एफ. क्रिक ने DNA का द्विकुण्डलिनी मॉडल प्रस्तावित किया और नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। DNA का उनका मॉडल किस पर आधारित था:
A. एम. विल्किंस तथा आर. फ्रैंकलिन द्वारा प्राप्त DNA का X-किरण विवर्तन
B. ग्रिफिथ का प्रयोग।
C. हर्शे-चेज़ प्रयोग
D. चारगॉफ का क्षारक तुल्यता नियम (A + G / T + C = 1)

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Explanation
  1. 1953 में जेम्स वाटसन तथा फ्रांसिस क्रिक ने मॉरिस विल्किंस तथा रोज़लिंड फ्रैंकलिन द्वारा प्राप्त X-किरण विवर्तन आँकड़ों को चारगॉफ के इस निष्कर्ष के साथ जोड़ते हुए कि A = T तथा C = G, DNA की संरचना हेतु एक अत्यंत सरल किंतु प्रसिद्ध द्विकुण्डलिनी मॉडल प्रस्तावित किया।
  2. ग्रिफिथ ने अपने प्रयोगों के आधार पर निष्कर्ष निकाला कि कोई आनुवंशिक पदार्थ है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होता है।
  3. हर्शे-चेज़ प्रयोग ने पुष्टि की कि विषाणुओं से प्रोटीन जीवाणुओं में प्रवेश नहीं करती। अतः DNA ही वह आनुवंशिक पदार्थ है जो विषाणु से जीवाणु में जाता है।

किसी DNA अणु की एक पॉलीन्यूक्लियोटाइड शृंखला में A + T / G + C का अनुपात 0.3 है। सम्पूर्ण DNA अणु का A + G / T + C अनुपात क्या होगा:

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Explanation

dsDNA में A = T तथा G = C

A + T / G + C = 0.3

2A/2G = 0.3

A = 0.3 X G ----(i)

साथ ही, (A + T) + (G + C) = 100 ---(ii)

सभी को G के पदों में रखने पर :-

0.3G + 0.3G + G + G = 100

2.6G = 100

G = 38.5 = C

(i) से

A = T = 0.3G = 11.55

A + G / T + C = 11.55 + 38.5 / 38.5 + 11.55 = 1

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