NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters

I. तापनियमन, परासरण नियमन तथा उत्सर्जन ऐसी क्रियाविधियाँ हैं जो शरीर में परिवर्तन को नियंत्रित करती हैं।
II. 99% जंतु तथा लगभग सभी पादप अनुरूपक हैं
III. ऊष्मा ह्रास अथवा ऊष्मा लाभ पृष्ठीय क्षेत्रफल का फलन है।
IV. छछूंदर तथा हमिंग बर्ड जैसे अनेक जीवों के लिए तापनियमन ऊर्जा की दृष्टि से सबसे कम खर्चीला प्रक्रम है
V. 99% जंतु तापनियामक हैं
VI. आर्किबैक्टीरिया उच्च तापमान सहन नहीं कर सकते

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

संशोधन :-
IV. अनेक जीवों के लिए तापनियमन ऊर्जा की दृष्टि से खर्चीला है। यह छछूंदर तथा हमिंग बर्ड जैसे छोटे जंतुओं के लिए विशेष रूप से सत्य है। ऊष्मा ह्रास अथवा ऊष्मा लाभ पृष्ठीय क्षेत्रफल का फलन है। चूँकि छोटे जंतुओं का पृष्ठीय क्षेत्रफल उनके आयतन की तुलना में अधिक होता है, अतः बाहर ठंड होने पर वे शरीर की ऊष्मा बहुत तेज़ी से खो देते हैं; तब उन्हें उपापचय द्वारा शरीर की ऊष्मा उत्पन्न करने में बहुत ऊर्जा व्यय करनी पड़ती है।
V. 99% जंतु अनुरूपक हैं।
VI. आर्किबैक्टीरिया उच्च तापमान तथा लवणता सहन कर सकते हैं।

छोटे जंतु ध्रुवीय क्षेत्र में प्रायः क्यों नहीं पाए जाते?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

ऊष्मा ह्रास अथवा ऊष्मा लाभ पृष्ठीय क्षेत्रफल का फलन है। चूँकि छोटे जंतुओं का पृष्ठीय क्षेत्रफल उनके आयतन की तुलना में अधिक होता है, अतः बाहर ठंड होने पर वे शरीर की ऊष्मा बहुत तेज़ी से खो देते हैं; तब उन्हें उपापचय द्वारा शरीर की ऊष्मा उत्पन्न करने में बहुत ऊर्जा व्यय करनी पड़ती है। यही मुख्य कारण है कि अत्यंत छोटे जंतु ध्रुवीय क्षेत्रों में विरले ही पाए जाते हैं।

(पृष्ठ-224)

कंगारू चूहे:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जल के किसी बाह्य स्रोत के अभाव में उत्तर अमेरिकी मरुस्थलों का कंगारू चूहा अपनी जल की सम्पूर्ण आवश्यकता आंतरिक वसा के ऑक्सीकरण द्वारा पूरी कर लेने में सक्षम है। इसमें अपने मूत्र को सांद्रित करने की क्षमता भी होती है, जिससे उत्सर्जी पदार्थ निकालने में जल का न्यूनतम आयतन ही प्रयुक्त होता है

(पृष्ठ-225)

असत्य कथन पहचानिए:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

कुछ जीव अपने पर्यावरण की विविधताओं से निपटने हेतु व्यवहारात्मक अनुक्रियाएँ दर्शाते हैं। इनमें कम दबावपूर्ण आवास की ओर प्रवास करना सम्मिलित है।

(पृष्ठ- 225)

अनुकूलनों के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

सभी नहीं, किंतु कुछ अनुकूलन जीवों में आनुवंशिक रूप से नियत होते हैं।

उदाहरणार्थ- जल के किसी बाह्य स्रोत के अभाव में उत्तर अमेरिकी मरुस्थलों का कंगारू चूहा अपनी जल की सम्पूर्ण आवश्यकता आंतरिक वसा के ऑक्सीकरण द्वारा पूरी कर लेने में सक्षम है।

(पृष्ठ-225)

यदि किसी समष्टि हेतु आयु वितरण (किसी दी गई आयु अथवा आयु समूह की व्यष्टियों का प्रतिशत) आलेखित किया जाए, तो प्राप्त संरचना कहलाती है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

यदि किसी समष्टि हेतु आयु वितरण (किसी दी गई आयु अथवा आयु समूह की व्यष्टियों का प्रतिशत) आलेखित किया जाए, तो प्राप्त संरचना आयु पिरामिड कहलाती है।

(पृष्ठ-227)

किसी समष्टि का आयु वितरण किससे निर्धारित होता है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

जन्म का समय, मृत्यु का समय तथा समष्टि वृद्धि की दर किसी समष्टि का आयु वितरण निर्धारित करते हैं।

कौन-से चार कारक समष्टि वृद्धि को परिभाषित करते हैं?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

किसी दिए गए आवास में किसी दी गई अवधि के दौरान समष्टि का घनत्व चार मूल प्रक्रमों में परिवर्तन के कारण उतार-चढ़ाव दर्शाता है:-

  1. जन्मता तथा आप्रवासन समष्टि घनत्व में वृद्धि करते हैं
  2. मृत्युता तथा उत्प्रवासन समष्टि घनत्व में कमी करते हैं

(पृष्ठ-228)

चरघातांकी वृद्धि तब होती है जब:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

चरघातांकी वृद्धि तब होती है जब खाद्य संसाधन असीमित हों और  प्रत्येक स्पीशीज़ में संख्या बढ़ाने की अपनी सहज क्षमता को पूरी तरह साकार करने का सामर्थ्य हो। जब भीड़ से कोई संदमन नहीं होता, तब चरघातांकी वृद्धि होती है।

(पृष्ठ-229)

संभार तंत्रीय वृद्धि तब होती है जब:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

प्रकृति में किसी दिए गए आवास में अधिकतम सम्भव संख्या को सहारा देने योग्य ही संसाधन होते हैं, जिससे आगे कोई वृद्धि सम्भव नहीं। इस सीमा को उस आवास में उस स्पीशीज़ हेतु प्रकृति की पोषण क्षमता (K) कहते हैं।

संभार तंत्रीय वृद्धि:  प्रकृति में किसी भी स्पीशीज़ की समष्टि के पास चरघातांकी वृद्धि की अनुमति देने योग्य असीमित संसाधन नहीं होते। इससे सीमित संसाधनों हेतु व्यष्टियों के बीच स्पर्धा होती है। अंततः 'सर्वाधिक योग्य' व्यष्टि जीवित रहकर जनन करती है।

(पृष्ठ-231)

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।