I. तापनियमन, परासरण नियमन तथा उत्सर्जन ऐसी क्रियाविधियाँ हैं जो शरीर में परिवर्तन को नियंत्रित करती हैं।
II. 99% जंतु तथा लगभग सभी पादप अनुरूपक हैं
III. ऊष्मा ह्रास अथवा ऊष्मा लाभ पृष्ठीय क्षेत्रफल का फलन है।
IV. छछूंदर तथा हमिंग बर्ड जैसे अनेक जीवों के लिए तापनियमन ऊर्जा की दृष्टि से सबसे कम खर्चीला प्रक्रम है
V. 99% जंतु तापनियामक हैं
VI. आर्किबैक्टीरिया उच्च तापमान सहन नहीं कर सकते
संशोधन :-
IV. अनेक जीवों के लिए तापनियमन ऊर्जा की दृष्टि से खर्चीला है। यह छछूंदर तथा हमिंग बर्ड जैसे छोटे जंतुओं के लिए विशेष रूप से सत्य है। ऊष्मा ह्रास अथवा ऊष्मा लाभ पृष्ठीय क्षेत्रफल का फलन है। चूँकि छोटे जंतुओं का पृष्ठीय क्षेत्रफल उनके आयतन की तुलना में अधिक होता है, अतः बाहर ठंड होने पर वे शरीर की ऊष्मा बहुत तेज़ी से खो देते हैं; तब उन्हें उपापचय द्वारा शरीर की ऊष्मा उत्पन्न करने में बहुत ऊर्जा व्यय करनी पड़ती है।
V. 99% जंतु अनुरूपक हैं।
VI. आर्किबैक्टीरिया उच्च तापमान तथा लवणता सहन कर सकते हैं।