IPM का पूर्ण रूप है
NCERT पृष्ठ संख्या 187
10.5 जैव नियंत्रण कारकों के रूप में सूक्ष्मजीव
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
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10.5 जैव नियंत्रण कारकों के रूप में सूक्ष्मजीव
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
निम्नलिखित में से कौन मुक्तजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकारक है?
NCERT पृष्ठ संख्या 188
10.6 जैव उर्वरक के रूप में सूक्ष्मजीव
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
कवकमूल है
NCERT पृष्ठ संख्या 188
10.6 जैव उर्वरक के रूप में सूक्ष्मजीव
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
निम्नलिखित में से कौन सायनोबैक्टीरिया नहीं है?
NCERT पृष्ठ संख्या 188
10.6 जैव उर्वरक के रूप में सूक्ष्मजीव
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
धान के खेतों में निम्नलिखित में से कौन एक महत्वपूर्ण जैव उर्वरक का कार्य करता है?
NCERT पृष्ठ संख्या 188
10.6 जैव उर्वरक के रूप में सूक्ष्मजीव
मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव
एक क्लोनिंग संवाहक में दो प्रतिजैविक प्रतिरोधी जीन हैं- टेट्रासाइक्लिन तथा ऐम्पिसिलिन के लिए। एक विजातीय DNA
को टेट्रासाइक्लिन जीन में प्रविष्ट कराया गया। अपुनर्योगज किस माध्यम पर जीवित रहेंगे :
अपुनर्योगजों में दोनों जीन क्रियाशील रहती हैं। पुनर्योगजों में टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोध की जीन अंतर्वेशन द्वारा निष्क्रिय हो जाती है।
निक्षालन (एल्यूशन) है:
उत्तर 3. XII NCERT का पृष्ठ 198 पढ़ें
एक परपोषी कोशिका सामान्यतः विजातीय DNA को तब तक ग्रहण नहीं करती जब तक उसे इसके लिए सक्षम न बना दिया जाए। ऐसा इसलिए है क्योंकि:
कोशिका झिल्ली फॉस्फोलिपिड द्विस्तर से बनी होती है तथा केवल वसा में घुलनशील पदार्थों को ही अपने आर-पार विसरित होने देती है।
सर्वप्रथम खोजा गया वह टाइप II प्रतिबंधन एंडोन्यूक्लिएज, जो dsDNA को विशिष्ट स्थल पर काट सकता था, था:
उत्तर 3. XII NCERT का पृष्ठ 195 पढ़ें
वह जीन, जिसकी अभिव्यक्ति रूपांतरित कोशिकाओं की पहचान में सहायक होती है, कहलाती है
(a) वह जीन जिसकी अभिव्यक्ति रूपांतरित कोशिका की पहचान में सहायक होती है, वरणयोग्य चिह्नक कहलाती है। सामान्यतः टेट्रासाइक्लिन, ऐम्पिसिलिन आदि प्रतिजैविकों के प्रति प्रतिरोध कूटलेखित करने वाली जीन उपयोगी वरणयोग्य चिह्नक होती हैं, जैसे E.Coli के लिए।
संकल्पना संवर्धक प्लैज्मिड pBR322 में दो प्रतिरोधी जीन होती हैं; ऐम्पिसिलिन प्रतिरोध (ampR) तथा टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोध (tetR). इन्हें उपयोगी वरणयोग्य चिह्नक माना जाता है।
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