वैद्युत सरंध्रण प्रक्रिया में सम्मिलित है
(c) वैद्युत सरंध्रण वह प्रक्रिया है जिसका उपयोग जीवाणुओं अथवा पादप जीवद्रव्यकों के रूपांतरण हेतु किया जाता है। वैद्युत सरंध्रण द्विस्तरीय झिल्ली के लिपिड अणुओं के पुनर्संकेंद्रण के फलस्वरूप होता है, जिससे झिल्ली में जलस्नेही छिद्र बन जाते हैं। ऐसे छिद्रों का वितरण, आकार तथा संख्या दोनों ही दृष्टि से, कोशिका झिल्ली के वैद्युत गुणों का निर्धारण करता है।