NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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अभिकथन   :  मास्ट कोशिकाएँ शरीर की रक्षा में सहायता करती हैं।

कारण   :   मास्ट कोशिकाएँ सूक्ष्मजीवों का भक्षण कर उन्हें नष्ट करती हैं।

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Explanation

मास्ट कोशिकाएँ कणिकामय कोशिकाद्रव्य वाली बड़ी अनियमित कोशिकाएँ हैं, जो अवकाशी संयोजी ऊतक में उपस्थित होती हैं। ये कोशिकाएँ हिस्टामिन जैसे शोथ उत्पन्न करने वाले पदार्थों को सघन कणिकाओं में संचित रखती हैं। मास्ट कोशिकाएँ भक्षकाणुओं को क्षतिग्रस्त ऊतक की ओर आकर्षित करके शरीर की रक्षा में सहायता करती हैं।

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B-रूप DNA में कुंडली का एक चक्कर लगभग होता है      [2006]

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(b) B-DNA 20Å की कुंडलित संरचना है, दो क्षारक युग्मों के बीच की दूरी 3.4Å है तथा प्रत्येक चक्कर या पिच (एक घुमाव) में 10 क्षारक युग्म होते हैं। अतः कुंडली का एक चक्कर लगभग 34Å या 3.4 nm होता है (10Å = 1.0 nm)। Z-DNA (B-DNA की तुलना में) वामावर्ती द्विकुंडलित संरचना है, जिसमें द्विकुंडली (B-DNA की तरह दाईं ओर के बजाय) टेढ़े-मेढ़े (ज़िग-ज़ैग) ढंग से बाईं ओर घूमती है। 

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एंजाइम संदमन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?   [2005]

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(b) प्रतिस्पर्धी संदमक एंजाइम के सक्रिय स्थल पर अधिकार के लिए क्रियाधार अणु से प्रतिस्पर्धा करता है। इन संदमकों की संरचना क्रियाधार अणुओं से मिलती-जुलती होती है, जिसके कारण ये आसानी से एंजाइम का सक्रिय स्थल पा लेते हैं और एंजाइम-संदमक सम्मिश्र बनाते हैं।

  E   +   I   →   EI सम्मिश्र

  (एंजाइम)   (संदमक)

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यदि DNA में थाइमीन का प्रतिशत 20 है, तो ग्वानीन का प्रतिशत क्या है?     [2002]

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(c) कुल DNA (100)= A + T + C + G

  A = 20% (दिया गया)

  A = T (क्षारक युग्मन नियम)

  100 = 20+ 20 + C + G

  C + G = 100-40 = 60

  C = G = 30

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न्यूक्लिक अम्लों के विषय में क्या गलत है?   [1993]

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(c) B-DNA में एक कुंडली की लंबाई या कुंडली के प्रति चक्कर की पिच 34 Å होती है, A-DNA में 25 Å तथा DNA के Z-मॉडल में 46 Å होती है। Z-DNA में शर्करा अणु विपरीत दिशा में दिखाई देते हैं। इसलिए Z-DNA में 3-5 डाइएस्टर बंध टेढ़ी-मेढ़ी (ज़िग-ज़ैग) संरचना बनाता है।

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DNA अणु में   [2008]

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(d) DNA अणु में समीपवर्ती डीऑक्सीराइबोन्यूक्लियोटाइड फॉस्फोडाइएस्टर सेतुओं या बंधों द्वारा एक शृंखला में जुड़े होते हैं, जो एक मोनोन्यूक्लियोटाइड इकाई के डीऑक्सीराइबोस के 5' कार्बन को अगली मोनोन्यूक्लियोटाइड इकाई के डीऑक्सीराइबोस के 3' कार्बन से जोड़ते हैं।

वाटसन तथा क्रिक के अनुसार DNA अणु ऐसी दो पॉलीन्यूक्लियोटाइड शृंखलाओं से बना होता है जो एक-दूसरे के चारों ओर कुंडलित रूप से लिपटी होती हैं, जिनमें शर्करा-फॉस्फेट शृंखला बाहर की ओर तथा प्यूरीन और पिरिमिडीन कुंडली के भीतर की ओर होते हैं।

दोनों रज्जुक प्रतिसमानांतर चलते हैं, अर्थात एक रज्जुक में फॉस्फोडाइएस्टर बंधन 3'→5' दिशा में होता है जबकि दूसरे रज्जुक में फॉस्फोडाइएस्टर बंधन 5'→3' दिशा में होता है।

चारगाफ (1950) ने सुझाया कि विभिन्न प्रकार के DNA द्वारा प्रदर्शित व्यापक संघटनात्मक भिन्नताओं के बावजूद प्यूरीनों की कुल मात्रा पिरिमिडीनों की कुल मात्रा के बराबर होती है (A+G = T+C)।   

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पादपों के शुष्क भार का प्रमुख भाग बना होता है     [2003]

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(b) पादपों के शुष्क भार का प्रमुख भाग कार्बन, नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन से बना होता है।

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एंजाइम क्रिया के संबंध में उस विकल्प को चुनिए जो सही नहीं है।   [2014]

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(b) एंजाइम क्रिया के संबंध में गलत है, क्योंकि अधिक मात्रा में सक्सिनेट मिलाने से मैलोनेट द्वारा सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज का संदमन उत्क्रमित हो जाता है। यदि क्रियाधार सक्सिनेट की सांद्रता बढ़ाई जाए, तो यह मैलोनेट को उसके सक्रिय स्थल से हटा देगा और इस प्रकार सक्सिनेट डिहाइड्रोजिनेज के संदमन को उत्क्रमित कर देता है।

मैलोनेट द्वारा सक्सिनिक डिहाइड्रोजिनेज का संदमन प्रतिस्पर्धी संदमन का उदाहरण है। प्रतिस्पर्धी संदमन तब होता है जब क्रियाधार तथा संदमक दोनों की संरचना कमोबेश समान हो और वे उच्च सांद्रता में उपस्थित हों। इस प्रकार क्रियाधार तथा संदमक दोनों एंजाइम के सक्रिय स्थल के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप एंजाइमी सक्रियता घट जाती है। 

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दो मुक्त राइबोन्यूक्लियोटाइड इकाइयाँ आपस में जुड़ी होती हैं     [1995]

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दो मुक्त राइबोन्यूक्लियोटाइड इकाइयाँ फॉस्फोडाइएस्टर बंध द्वारा आपस में जुड़ी होती हैं। यह बंध एक न्यूक्लियोटाइड के 5' फॉस्फेट समूह तथा दूसरे न्यूक्लियोटाइड के 3' हाइड्रॉक्सिल समूह के बीच संघनन अभिक्रिया द्वारा, एक जल अणु के निष्कासन के साथ बनता है।

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जीवाणु गुणसूत्र में जीन किसके द्वारा पैक किए जाते हैं   [1997]

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(b) जीवाणु प्रोकैरियोटिक जीव हैं। इनमें आनुवंशिक पदार्थ के रूप में द्विरज्जुकी DNA अणु होता है। जीवाणुओं में DNA पैकेजिंग से (हिस्टोन के बजाय) स्पर्मिडीन तथा कैडावरीन जैसे पॉलीऐमीन संबद्ध होते हैं।

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