NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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यदि किसी कारण से जठर उपकला की भित्तीय कोशिकाएँ आंशिक रूप से अक्रियाशील हो जाएँ, तो क्या होने की संभावना है?

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आमाशय की श्लेष्मिका में उपस्थित भित्तीय या ऑक्सिन्टिक कोशिकाएँ HCl तथा आंतरिक कारक (विटामिन B12 के अवशोषण के लिए आवश्यक कारक) स्रावित करती हैं। यदि ये कोशिकाएँ आंशिक रूप से अक्रियाशील हो जाएँ, तो HCl पर्याप्त मात्रा में स्रावित नहीं होगा, इस प्रकार पेप्सिनोजन का पेप्सिन में रूपांतरण नहीं हो पाएगा, जो प्रोटीनों को प्रोटियोज तथा पेप्टोन में बदलता है। (पृष्ठ-262).

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छोटी आँत के भीतर स्थित छोटे अंगुली जैसे प्रवर्ध क्या कहलाते हैं? ये छोटे अंगुली जैसे प्रवर्ध भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं और विटामिन, खनिज, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट तथा वसा को हमारे रक्त प्रवाह में भेजते हैं:

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श्लेष्मिका छोटी आँत में रसांकुर नामक छोटे अंगुली जैसे वलन बनाती है। रसांकुरों को आस्तरित करने वाली कोशिकाएँ सूक्ष्मांकुर नामक अनेक सूक्ष्म प्रवर्ध बनाती हैं, जिससे ब्रश बॉर्डर जैसा रूप बनता है। ये रूपांतरण सतह क्षेत्र को अत्यधिक बढ़ा देते हैं। रसांकुरों में केशिकाओं का जाल तथा लैक्टियल नामक एक बड़ी लसीका वाहिका होती है। (पृष्ठ- 260).

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वसा का पाचन प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट के पाचन से किस प्रकार भिन्न है?

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वसा का अवशोषण: वसा अम्ल तथा ग्लिसरॉल अविलेय होने के कारण पाचन के बाद रक्त में अवशोषित नहीं हो सकते और इसलिए उन्हें रूपांतरित करना पड़ता है। वे पहले मिसेल नामक छोटी बूँदों में समाविष्ट होते हैं, जो आंत्र श्लेष्मिका में जाती हैं। वे पुनः काइलोमाइक्रॉन नामक बहुत छोटे प्रोटीन-लेपित वसा गोलिकाओं में बनते हैं, जो रसांकुरों की लसीका वाहिकाओं (लैक्टियलों) में परिवहित होते हैं। ये लसीका वाहिकाएँ अंततः अवशोषित पदार्थों को रक्त प्रवाह में मुक्त करती हैं।

कार्बोहाइड्रेट तथा प्रोटीन: ऐमीनो अम्ल तथा ग्लूकोस को किसी रूपांतरण की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि वे सक्रिय, निष्क्रिय तथा सुसाध्य विसरण द्वारा सीधे अवशोषित हो सकते हैं। (पृष्ठ-265).

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निम्नलिखित में से किसकी आवश्यकता कम मात्रा में होती है?

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NCERT पृष्ठ संख्या 257.

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यदि मैं ऊपरी जबड़े का आधा भाग तथा निचले जबड़े का विकर्ण आधा भाग लूँ, तो कितने रदनक उपस्थित होंगे?

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वयस्क का दंत सूत्र देखें

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ग्रासनली के संबंध में गलत कथन पहचानिए।

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NCERT पृष्ठ संख्या 259.

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जठरनिर्गमी संकोचक किससे संबद्ध नहीं है

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NCERT पृष्ठ संख्या 259.

 

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आहार नाल के ऊतक-विज्ञान के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?

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NCERT पृष्ठ संख्या 259; पैरा-2.

 

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अधःश्लेष्मिका - क्या सत्य नहीं है?

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NCERT पृष्ठ संख्या 259; पैरा-2.

 

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कौन श्लेष्मिका से संबद्ध नहीं है?

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NCERT पृष्ठ संख्या 260

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Frequently Asked Questions

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