NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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चुंबकत्व के लिए गाउस के नियम के अनुसार किसी बंद पृष्ठ से नेट चुंबकीय फ्लक्स क्या होता है?

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NCERT सारांश कहता है: 'चुंबकत्व के लिए गाउस का नियम कहता है कि किसी बंद पृष्ठ से नेट चुंबकीय फ्लक्स शून्य होता है $\oint \vec{B} \cdot d\vec{S} = 0$।' यह चुंबकीय एकध्रुवों के अस्तित्व में न होने का प्रत्यक्ष परिणाम है।

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यदि छड़ चुंबक को दो भागों में तोड़ा जाए, तो उसके चुंबकीय गुणों का क्या होता है?

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NCERT पाठ निर्दिष्ट करता है: 'यदि छड़ चुंबक को दो भागों में तोड़ा जाए, तो हमें कुछ कमज़ोर गुणों वाले दो समान छड़ चुंबक मिलते हैं।' यह भी दोहराता है कि चुंबकीय एकध्रुव अस्तित्व में नहीं हैं।

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निम्नलिखित में से कौन-सी गति आवर्ती गति का उदाहरण है परंतु दोलनी गति का नहीं?

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NCERT पाठ के अनुसार, 'वृत्तीय गति आवर्ती गति है, परंतु यह दोलनी नहीं है।' दोलनी गति में विशेष रूप से माध्य स्थिति के इधर-उधर आगे-पीछे गति होती है। ग्रह की कक्षीय गति आवर्ती है क्योंकि यह निश्चित अंतराल के बाद दोहराती है, परंतु यह माध्य स्थिति के इधर-उधर दोलन नहीं करती।

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वह प्राथमिक लक्षण क्या है जो दोलनी गति को सामान्य आवर्ती गति से अलग करता है?

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NCERT पाठ कहता है, 'यहाँ वस्तु माध्य स्थिति के इधर-उधर आगे-पीछे गति करती है। दीवार घड़ी का लोलक ऐसी ही गति करता है। ऐसी आवर्ती आगे-पीछे गति के उदाहरण बहुतायत में हैं... ऐसी गति को दोलनी गति कहते हैं।' यद्यपि सभी दोलनी गतियाँ आवर्ती हैं, सभी आवर्ती गतियाँ दोलनी नहीं हैं।

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यदि किसी दोलनी गति का आवर्तकाल T है, तो कितने समय अंतराल के बाद गति ठीक वैसी ही दोहराएगी?

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'विचारणीय बिंदु' खंड कहता है: 'आवर्तकाल T वह न्यूनतम समय है जिसके बाद गति स्वयं को दोहराती है। अतः गति nT के बाद स्वयं को दोहराती है जहाँ n एक पूर्णांक है।' यद्यपि T न्यूनतम समय है, गति T के किसी भी पूर्णांक गुणज के बाद भी दोहराती है।

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आवर्ती गति की आवृत्ति ($ \nu $) और आवर्तकाल (T) के बीच क्या संबंध है?

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'सारांश' खंड कहता है: 'आवर्तकाल T एक पूर्ण दोलन या चक्र के लिए आवश्यक समय है। यह आवृत्ति $ \nu $ से $ \nu = 1/T $ द्वारा संबंधित है।'

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आवृत्ति का SI मात्रक क्या है?

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'सारांश' खंड निर्दिष्ट करता है: 'आवर्ती या दोलनी गति की आवृत्ति $ \nu $ प्रति इकाई समय दोलनों की संख्या है। SI में इसे हर्ट्ज़ में मापा जाता है: 1 हर्ट्ज़ = 1 Hz = 1 दोलन प्रति सेकंड = $ 1s^{-1} $।'

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दोलनों और कंपनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

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NCERT पाठ उल्लेख करता है: 'दोलनों और कंपनों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं है। ऐसा लगता है कि जब आवृत्ति कम होती है, हम इसे दोलन कहते हैं (जैसे पेड़ की शाखा का दोलन), जबकि आवृत्ति अधिक होने पर हम इसे कंपन कहते हैं (जैसे वाद्य यंत्र के तार का कंपन)।'

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एक गति $ x(t) = A \cos( \omega t + \phi ) $ द्वारा वर्णित है। $ ( \omega t + \phi ) $ क्या दर्शाता है?

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'सारांश' खंड से: 'सरल आवर्त गति (SHM) में, कण का उसकी साम्य स्थिति से विस्थापन x(t) $ x (t) = A \cos ( \omega t + \phi ) $ (विस्थापन) द्वारा दिया जाता है, जिसमें A विस्थापन का आयाम है, राशि $ ( \omega t + \phi ) $ गति की कला है, और $ \phi $ कला स्थिरांक है।'

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किसी गति को सरल आवर्त गति (SHM) के रूप में वर्गीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी शर्त आवश्यक है?

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पाठ कहता है: 'सरल आवर्त गति दोलनी गति का सरलतम रूप है। यह गति तब उत्पन्न होती है जब दोलन करने वाली वस्तु पर बल माध्य स्थिति, जो साम्य स्थिति भी है, से उसके विस्थापन के अनुक्रमानुपाती हो। इसके अतिरिक्त, दोलन के किसी भी बिंदु पर यह बल माध्य स्थिति की ओर निर्देशित होता है।' साथ ही, 'केवल वही आवर्ती गति जो बल नियम $ F = – k x $ द्वारा नियंत्रित हो, सरल आवर्त है।'

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