500 K पर अभिक्रिया $H_2(g) + O_2(g) \rightleftharpoons 2H_2O(g)$ के लिए साम्य स्थिरांक $K_c = 2.4 \times 10^{47}$। यदि किसी क्षण सांद्रता भागफल $Q_c$ का मान $1.0 \times 10^{40}$ हो, तो अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसर होगी?
NCERT कहता है कि अभिक्रिया की दिशा का पूर्वानुमान अभिक्रिया भागफल ($Q_c$) द्वारा किया जा सकता है, जो साम्य पर $K_c$ के बराबर होता है। यदि $Q_c < K_c$, तो अभिक्रिया साम्य तक पहुँचने के लिए अग्र दिशा में अग्रसर होगी। यहाँ $1.0 \times 10^{40} < 2.4 \times 10^{47}$, अतः अभिक्रिया अग्र दिशा में अग्रसर होगी।