तुलनीय मोलर द्रव्यमान वाले तृतीयक ऐमीनों की तुलना में प्राथमिक ऐमीनों का क्वथनांक अधिक क्यों होता है?
पाठ समझाता है: 'यह अंतराणुक संगुणन द्वितीयक ऐमीनों की तुलना में प्राथमिक ऐमीनों में अधिक होता है क्योंकि इनमें हाइड्रोजन आबंध बनाने के लिए दो हाइड्रोजन परमाणु उपलब्ध होते हैं। तृतीयक ऐमीनों में हाइड्रोजन आबंध बनाने के लिए उपलब्ध हाइड्रोजन परमाणु की अनुपस्थिति के कारण अंतराणुक संगुणन नहीं होता।'