p-प्रकार अर्धचालक की पट्टिका को n-प्रकार अर्धचालक की पट्टिका से भौतिक रूप से जोड़कर p-n संधि बनाना संभव क्यों नहीं है?
उदाहरण 14.3 से, 'नहीं! कोई भी पट्टिका, चाहे कितनी भी समतल हो, उसका खुरदरापन अंतर-परमाण्विक क्रिस्टल दूरी (~2 से 3 Å) से कहीं अधिक होगा और अतः परमाणु स्तर पर सतत संपर्क संभव नहीं होगा। संधि प्रवाहित आवेश वाहकों के लिए एक असांतत्य की तरह व्यवहार करेगी।'