n-प्रकार के अर्धचालक में, इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक होते हैं। इस लक्षण को स्थापित करने में दाता अशुद्धि परमाणुओं की क्या भूमिका है?
NCERT कहती है, 'पंचसंयोजी अशुद्धि से अपमिश्रित अर्धचालक में इलेक्ट्रॉन बहुसंख्यक वाहक बन जाते हैं... इसलिए इन अर्धचालकों को n-प्रकार के अर्धचालक कहते हैं।' और, 'दाता ऊर्जा स्तर ED चालन बैंड के तल EC से थोड़ा नीचे होता है और इस स्तर के इलेक्ट्रॉन बहुत थोड़ी ऊर्जा की आपूर्ति से चालन बैंड में चले जाते हैं।' दाता परमाणु ये इलेक्ट्रॉन 'दान' करते हैं।