एक निकट U.V. फोटॉन 300 nm का एक गैस द्वारा अवशोषित किया जाता है और फिर दो फोटॉनों के रूप में पुनः उत्सर्जित होता है। एक फोटॉन लाल है जिसकी तरंगदैर्ध्य 760 nm है। अतः दूसरे फोटॉन की तरंगदैर्ध्य है
$ E - = E_1 + E_2 now E = { hc \over \lambda} $ $ \therefore { 1 \over \lambda } = { 1 \over \lambda_1 } + { 1 \over \lambda_2 } $