Atomic Structure NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

Atomic Structure (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

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प्लांक नियतांक का मान 6.63 x 10-34 Js है। प्रकाश की चाल 3 x 1017 nms-1 है। 6 x 1015 s-1 आवृत्ति वाले प्रकाश के किसी क्वांटम की नैनोमीटर में तरंगदैर्ध्य के निकटतम कौन-सा मान है?

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Explanation

(c) दिया है, प्लांक नियतांक,

  h = 6.63 x 10-34 J-s

प्रकाश की चाल, c = 3 x 1017 nms-1

क्वांटा की आवृत्ति

  v = 6 x 1015 s-1

 तरंगदैर्ध्य, λ = ?

हम जानते हैं कि, v = c/λ

निम्नलिखित में से किस आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar]3d6 है?

(परमाणु सं: Mn = 25, Fe = 26, Co = 27, Ni =28)

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(d) मुख्य विचार दिए गए आयनों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए तथा सही उत्तर ज्ञात कीजिए।

  Ni3+ (28) = [Ar]3d7

  Mn3+ (25) = [Ar]3d4

  Fe3+ (26) = [Ar]3d5

  Co3+ (27) = [Ar]3d6

निम्नलिखित में से कौन-सा किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों की अनुमेय व्यवस्था नहीं है ?

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मुख्य विचार: किसी इलेक्ट्रॉन के लिए, n 0, 1, 2 ... हो सकता है तथा l=0 से n-1 तक तथा m=l से +l तक (0 सहित) तथा s = ± -2

अतः, यदि n = 3

  l = 0 से (3 -1) तक

  = 0,1, 2

  m = -l से +l तक

  = -2-1, 0, +1, +2
अतः, विकल्प (c) क्वांटम संख्याओं का अनुमेय समुच्चय नहीं है।

इलेक्ट्रॉन की स्थिति के मापन के साथ संवेग में अनिश्चितता जुड़ी है, जो 1x10-18 g cm s-1 के बराबर है। इलेक्ट्रॉन वेग में अनिश्चितता है,

(इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9 x 10-28 g है)

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मुख्य विचार: x x ph/4π

जहाँ, p = संवेग में अनिश्चितता तथा v = वेग में अनिश्चितता

यहाँ, p = 1x10-18 g cm s-1

  m = 9x10-28 g

  v =p/m = (1x10-18)/(9x10-28) = 1.1 x 109 = 1.0 x109 cm s-1

क्वांटम संख्याओं के निम्नलिखित समुच्चयों पर विचार कीजिए:

  n  l  m  s

(i)  3  0  0  +1/2

(ii)  2  2  1  +1/2

(iii)  4  3  -2  -1/2

(iv)  1  0  -1  -1/2

(v)  3  2  3  +1/2

क्वांटम संख्याओं का निम्नलिखित में से कौन-सा समुच्चय संभव नहीं है?

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(c) l का मान 0 से n-l तक परिवर्तित होता है तथा m का मान -l से +l तक शून्य से होते हुए परिवर्तित होता है। 's' का मान ± 1/2 है जो किसी इलेक्ट्रॉन का चक्रण दर्शाता है। क्वांटम संख्याओं के सही समुच्चय निम्नलिखित हैं:

  n  l  m  s

(ii)  2  1  1  +1/2

(iv)    1  0  0  -1/2

(v)    3  2  2  +1/2 

दिया है: इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.11 x 10-31 kg है

प्लांक नियतांक 6.626 x 10-34 Js है,

0.1 A° की दूरी के भीतर वेग के मापन में निहित अनिश्चितता है:

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हाइज़ेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत से

  p x xh/4πor v x xh/4πm

pसंवेग में अनिश्चितता

xस्थिति में अनिश्चितता

vवेग में अनिश्चितता

mकण का द्रव्यमान

दिया गया है कि,

x = 0.1 A° = 0.1 x 10-10 m

m = 9.11 x 10-31 kg

h = प्लांक नियतांक = 6.626 x 10-34 Js

π=3.14

अनिश्चित स्थिति में v x x = h/4πm

v x 0.1 x 10-10 = (6.626 x 10-34)/(4 x 3.14 x 9.11 x 10-31) ms-1

  v = (6.626 x 10-34)/(4 x 3.14 x 9.11 x 10-31 x 0.1 x 10-10) ms-1

  =5.785 x 106 ms-1

  =5.79 x 106 ms-1

d कक्षक में इलेक्ट्रॉनों का कोणीय संवेग बराबर है

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(a) d-कक्षक में इलेक्ट्रॉन का कोणीय संवेग है

  =l(l+1)h2π; for d-orbital, l=2=2(2+!) h=6 h             h=h2π

H-परमाणु के लिए nवें ऊर्जा स्तर में किसी इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा के लिए व्युत्पन्न सही व्यंजक है

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बोर की अभिधारणाओं के अनुसार, किसी हाइड्रोजन परमाणु में, एक इलेक्ट्रॉन आवेश +e के नाभिक के चारों ओर परिक्रमा करता है। दी गई त्रिज्या की वृत्ताकार कक्षा में एकसमान चाल से गतिमान किसी इलेक्ट्रॉन के लिए, अभिकेंद्री बल इलेक्ट्रॉन तथा नाभिक के बीच कूलॉम आकर्षण बल द्वारा प्रदान किया जाता है। गुरुत्वीय आकर्षण की उपेक्षा की जा सकती है क्योंकि इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन का द्रव्यमान बहुत कम है।

अतः,

mv2r=ke2r2or mv2=ke2r.......(1)

जहाँ m=इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान

r=इलेक्ट्रॉनिक कक्षा की त्रिज्या

v=इलेक्ट्रॉन का वेग

पुनः,

mvr=nh2πor v=nh2πmrFrom eq. (1) we getmnh2πmr2=ke2rr=n2h24π2kme2........(2)Using eq. (2) we getEK=ke224π2kme2n2h2=2π2k2me4n2h2(ii) Potential energyEP=-k(e)×(e)r=-ke2rUsing eq. (2) we getEP=-ke2×4π2kme2n2h2=-4π2k2me2n2h2

अतः, nth कक्षा में इलेक्ट्रॉन की कुल ऊर्जा

E=EP+EK=-4π2k2me4n2h2+2π2k2me4n2h2=-2π2k2me4n2h2=-13.6n2eV

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Frequently Asked Questions

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