Biomolecules NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

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ताप या pH में परिवर्तन किस प्राथमिक क्रियाविधि द्वारा प्रोटीन विकृतीकरण की ओर ले जाते हैं?

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NCERT समझाता है, 'जब देशी रूप में कोई प्रोटीन ताप में परिवर्तन जैसे भौतिक परिवर्तन या pH में परिवर्तन जैसे रासायनिक परिवर्तन के अधीन होता है, तो हाइड्रोजन बंध विक्षुब्ध हो जाते हैं।'

एंज़ाइम लगभग सभी गोलिकाकार प्रोटीन हैं। विकृतीकरण उनकी उत्प्रेरक सक्रियता को कैसे प्रभावित करता है?

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NCERT कहता है, विकृतीकरण के कारण 'प्रोटीन अपनी जैविक सक्रियता खो देता है'। चूँकि एंज़ाइम गोलिकाकार प्रोटीन हैं और उनकी जैविक सक्रियता उत्प्रेरण है, विकृतीकरण से यह कार्य समाप्त हो जाता है। साथ ही, 'BIOMOLECULES_biology' अध्याय के सारांश से, 'प्रोटीनयुक्त एंज़ाइम क्रियाधार विशिष्टता दर्शाते हैं, अधिकतम सक्रियता के लिए इष्टतम ताप और pH चाहिए। वे उच्च ताप पर विकृत हो जाते हैं।'

प्रोटीन विकृतीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. पॉलीपेप्टाइड शृंखला का समग्र वलन प्रभावित होता है।
II. अमीनो अम्लों का अनुक्रम बदल जाता है।
III. अंतरा-आण्विक हाइड्रोजन बंध सुदृढ़ हो जाते हैं।
कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

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I सही है क्योंकि 'गोलिकाएँ खुल जाती हैं और कुंडली अकुंडलित हो जाती है' जिससे समग्र वलन (तृतीयक और द्वितीयक संरचनाएँ) प्रभावित होता है। II गलत है क्योंकि प्राथमिक संरचना (अमीनो अम्ल अनुक्रम) अक्षुण्ण रहती है। III गलत है क्योंकि हाइड्रोजन बंध 'विक्षुब्ध' होते हैं, सुदृढ़ नहीं।

निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में प्रोटीन के विकृतीकरण की संभावना सबसे कम है?

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विकृतीकरण ताप या pH में उन परिवर्तनों से होता है जो हाइड्रोजन बंधों को विक्षुब्ध करते हैं। इष्टतम परिस्थितियाँ (ताप और pH) बनाए रखने पर प्रोटीन अपनी उच्चतम सक्रियता दर्शाता है और विकृत होने की संभावना सबसे कम होती है। ताप और pH की चरम स्थितियाँ (जैसे प्रबल अम्ल/क्षार से चरम pH) विकृतीकरण करती हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सा पेप्टाइड बंध के $C=O$ और $-NH-$ समूहों के बीच हाइड्रोजन बंधन के कारण पॉलिपेप्टाइड शृंखला के मुख्य ढाँचे के वलन पैटर्न का वर्णन करता है?

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संदर्भ कहता है: 'प्रोटीन की द्वितीयक संरचना उस आकृति को संदर्भित करती है जिसमें एक लंबी पॉलिपेप्टाइड शृंखला रह सकती है। ये संरचनाएँ पेप्टाइड बंध के $C=O$ और $-NH-$ समूहों के बीच हाइड्रोजन बंधन के कारण पॉलिपेप्टाइड शृंखला के मुख्य ढाँचे के नियमित वलन से उत्पन्न होती हैं।'

प्रोटीनों की $\alpha$-हेलिक्स संरचना की विशेषता है:

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संदर्भ उल्लेख करता है: '$\alpha$-हेलिक्स उन सबसे सामान्य तरीकों में से एक है जिनसे पॉलिपेप्टाइड शृंखला दक्षिणावर्त पेच (हेलिक्स) में मुड़कर सभी संभव हाइड्रोजन बंध बनाती है, जिसमें प्रत्येक ऐमीनो अम्ल अवशेष का –NH समूह हेलिक्स के संलग्न घुमाव के C=O से हाइड्रोजन बंधित होता है।'

किस प्रकार की प्रोटीन संरचना पर्दे की चुन्नटदार तहों जैसी दिखती है, जो अगल-बगल रखी और अंतराआण्विक हाइड्रोजन बंधों से जुड़ी पॉलिपेप्टाइड शृंखलाओं के कारण बनती है?

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संदर्भ कहता है: '$\beta$-चुन्नटदार चादर संरचना में सभी पेप्टाइड शृंखलाएँ लगभग अधिकतम विस्तार तक फैली होती हैं और फिर अगल-बगल रखी होती हैं, जो अंतराआण्विक हाइड्रोजन बंधों से जुड़ी रहती हैं। यह संरचना पर्दे की चुन्नटदार तहों जैसी दिखती है और इसलिए $\beta$-चुन्नटदार चादर कहलाती है।'

प्रोटीन की तृतीयक संरचना मुख्यतः किसके लिए उत्तरदायी है?

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संदर्भ समझाता है: 'प्रोटीनों की तृतीयक संरचना पॉलिपेप्टाइड शृंखलाओं के समग्र वलन, अर्थात् द्वितीयक संरचना के आगे के वलन, को निरूपित करती है। यह दो प्रमुख आणविक आकृतियों, अर्थात् रेशेदार और गोलिकाकार, को जन्म देती है।' और 'प्रोटीनों की अनेक जैविक सक्रियताओं के लिए तृतीयक संरचना नितांत आवश्यक है।'

प्रोटीनों की द्वितीयक और तृतीयक संरचनाओं को स्थायीकृत करने के लिए मुख्यतः किस प्रकार के बल उत्तरदायी हैं?

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संदर्भ विवरण देता है: 'प्रोटीनों की 2° और 3° संरचनाओं को स्थायीकृत करने वाले मुख्य बल हाइड्रोजन बंध, डाइसल्फाइड बंधन, वान्डरवाल्स और स्थिरवैद्युत आकर्षण बल हैं।'

निम्नलिखित में से कौन-सा पाठ में उल्लिखित गोलिकाकार प्रोटीन का उदाहरण है?

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संदर्भ देता है: 'गोलिकाकार प्रोटीन... इंसुलिन और ऐल्ब्युमिन गोलिकाकार प्रोटीनों के सामान्य उदाहरण हैं।'

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Frequently Asked Questions

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