Chemical Bonding and Atomic Structure NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

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निम्नलिखित में से किन यौगिकों में सभी परमाणुओं के लिए अष्टक पूर्ण तथा अपूर्ण है:

  Al2Cl6      Al2CH36       AlF3      Dimer of BeCl2     Dimer of BeH2 

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Al2Cl6 में, Al का अष्टक अपूर्ण है। Al2(CH3)6 में, Al तथा C दोनों के अष्टक पूर्ण हैं। AlF3 में, Al का अष्टक अपूर्ण है, जबकि F का अष्टक पूर्ण है। BeCl2 के द्विलक में, Be का अष्टक पूर्ण है, जबकि Cl का अष्टक अपूर्ण है। BeH2 के द्विलक में, Be तथा H दोनों के अष्टक अपूर्ण हैं।

निम्नलिखित में से कौन-सी अंतःक्रिया 8 -  42 kJ/mol की परास में आती है?

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(d) (a)  H2....H2O  द्विध्रुव-प्रेरित द्विध्रुव अंतःक्रिया (वान डर वाल्स बल) ऊर्जा<8kJ/mol

(b) HCl.....HCI  द्विध्रुव-द्विध्रुव अंतःक्रिया (वान डर वाल्स बल)<8kJ/mol

(c) H20.....HF  H-बंध 

(d) सभी 

 

 

 

H2CSF4 की संरचना में, उस तल का निर्णय करने के लिए जिसमें C = S उपस्थित है निम्नलिखित बंध कोण मान दिए गए हैं

अक्षीय FSF कोण idealised=180°            170°

निरक्षीय FSF कोण idealised=120°             97°

द्विबंध का तल निर्धारित करने के बाद, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

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CCl4 का क्वथनांक CHCl3 के क्वथनांक से अधिक है क्योंकि :

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(C)  ध्रुवणीय इलेक्ट्रॉनों की संख्या  वान डर वाल्स बल का सामर्थ्य  क्वथनांक।
  क्वथनांक CHCl3=61°C and CCl4=73°C

अभिकथन : चतुष्फलकीय संकरण में अर्थात्, sp3 संकरण में सभी p-कक्षक सम्मिलित होते हैं तथा कोई

  p-कक्षक π-बंध बनाने के लिए शेष नहीं रहता।

कारण : केंद्रीय परमाणु sp3संकरण वाले अणुओं अथवा स्पीशीज़ में द्विबंध नहीं बना सकता।

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अभिकथन सत्य है क्योंकि sp3 संकरण में, सभी चार कक्षक सिग्मा (σ) बंधन में सम्मिलित होते हैं, तथा पाई (π) बंध निर्माण के लिए कोई p-कक्षक शेष नहीं रहता। परंतु, कारण असत्य है क्योंकि केंद्रीय परमाणु sp2 संकरण वाले अणुओं अथवा स्पीशीज़ में द्विबंध बना सकता है, जहाँ π-बंध निर्माण के लिए एक p-कक्षक उपलब्ध होता है।

अभिकथन : कार्बन में स्वयं के साथ तथा छोटे आकार एवं उच्च विद्युतऋणात्मकता वाले अन्य

  परमाणुओं के साथ - बहुबंध बनाने की अनोखी क्षमता है।

कारण : वर्ग 14th के भारी तत्व स्वयं के साथ - बहुबंध नहीं बनाते क्योंकि

  उनके परमाणु कक्षक प्रभावी अतिव्यापन के लिए बहुत बड़े तथा विसरित होते हैं।

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(B) अभिकथन तथा कारण दोनों सत्य कथन हैं परंतु भिन्न हैं तथा कारण

  अभिकथन की सही व्याख्या नहीं है। कार्बन परमाणु से जुड़े परमाणुओं की उच्च विद्युतऋणात्मकता

  अप्रत्यक्ष रूप से p-कक्षकों के आकार के संकुचन में परिणत होती है।

अभिकथन : जलयोजित कैल्सियम सल्फेट gypsum : CaSO4, 2H2O के क्रिस्टल मृदु होते हैं तथा सरलता से विदलित होते हैं।

कारण : निर्जल कैल्सियम सल्फेट anhydrite : CaSO4 के क्रिस्टल बहुत कठोर होते हैं तथा उन्हें विदलित करना

  बहुत कठिन होता है।

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(B) Ca2+/SO42- परतों के भीतर आयन प्रबल विद्युत संयोजक बंधों द्वारा एक साथ बँधे रहते हैं। परंतु

  ये पृथक Ca2+/SO42- परतें अपेक्षाकृत दुर्बल H-बंध द्वारा जुड़ी रहती हैं। दुर्बल H-बंध तथा

  जल अणुओं की परत के अनुदिश तने हुए।

  निर्जल यौगिक की पूर्णतः आयनिक संरचना है जिसमें केवल Ca2+ and SO42- आयन होते हैं।

निम्नलिखित यौगिकों में हाइड्रोजन बंध की शक्ति का सही क्रम है :-

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जल का क्वथनांक 100 âˆ˜C होता है जबकि हाइड्रोजन पैरॉक्साइड का क्वथनांक लगभग 150 âˆ˜C होता है। H2O2 में अधिक प्रबल परिक्षेपण बल, अधिक द्विध्रुव आघूर्ण और अधिक हाइड्रोजन बंध ग्राही समूह होने के कारण जल की तुलना में अधिक हाइड्रोजन बंध बनते हैं, जिससे इसका क्वथनांक अधिक है। बर्फ की संरचना में प्रत्येक हाइड्रोजन परमाणु एक हाइड्रोजन बंध में भाग लेता है, जबकि पैरॉक्साइड में हाइड्रोजन बंधों की संख्या अधिक होती है।

अभिकथन : H2O2 की O-O बंध लंबाई O2F2. से कम होती है

कारण : H2O2 एक आयनिक यौगिक है।

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(D). O परमाणुओं पर उपस्थित एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म विद्युत्-ऋणी F

  परमाणुओं द्वारा प्रबलता से आकर्षित होते हैं। परिणामस्वरूप, दोनों ऑक्सीजन परमाणुओं का एकाकी युग्म-एकाकी युग्म प्रतिकर्षण O2F2 में

  H2O2 की तुलना में बहुत कम होता है। परिणामस्वरूप, O-O बंध लंबाई O2F2(1.22 A ) में

  H2O2 (1.48 A) की तुलना में बहुत कम होती है

CaH2, NH3, NaH and B2H6 में से, कौन-से सहसंयोजी हाइड्राइड हैं?

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Frequently Asked Questions

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