ताप में प्रत्येक 10°C की वृद्धि पर रासायनिक अभिक्रिया की दर दुगुनी हो जाती है। यदि ताप 50°C बढ़ाया जाए, तो अभिक्रिया की दर लगभग बढ़ती है :
(c) 50°C पर दर/ T1°C पर दर = (2)T/T1 = (2)50/10 = 25
अथवा rt+10/rt =2
rt+50/rt =(2)5 = 32 गुना
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ताप में प्रत्येक 10°C की वृद्धि पर रासायनिक अभिक्रिया की दर दुगुनी हो जाती है। यदि ताप 50°C बढ़ाया जाए, तो अभिक्रिया की दर लगभग बढ़ती है :
(c) 50°C पर दर/ T1°C पर दर = (2)T/T1 = (2)50/10 = 25
अथवा rt+10/rt =2
rt+50/rt =(2)5 = 32 गुना
अभिक्रिया पर विचार कीजिए:
Cl2(aq) + H2S(aq) → S(s) +2H+(aq) +2Cl-(aq)
इस अभिक्रिया का दर समीकरण दर = k[Cl2][H2S] है। इनमें से कौन-सी क्रियाविधि इस दर समीकरण के अनुरूप है/हैं?
A. Cl2 + H2S → H+ + Cl- +Cl+ + HS- (मंद)
cl+ + HS- → H+ +Cl- + S (तीव्र)
B. H2S H+ + HS- (तीव्र साम्य)
Cl2 + HS- → 2Cl- + H+ + S (मंद)
(a) [A] के लिए दर = K[Cl2][H2S]
[B] के लिए दर = K[Cl2][HS-]
3A C + D, इस अभिक्रिया के लिए यह प्रेक्षित किया गया कि जब A की प्रारंभिक सांद्रता 10 mole/lit है तो इस अभिक्रिया का t1/2 मान 40 min है, तथा जब A की प्रारंभिक सांद्रता 20 mole / lit है तो t1/2 मान बदलकर 20 min हो गया। निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?
इस प्रश्न में, t1/2 ∝ 1/a
यह दर्शाता है कि अभिक्रिया की कोटि दो है।
निम्नलिखित अभिक्रिया में : XA → YB
log[ -d(A)/dt ] = log[-d(B)/dt] +0.3
जहाँ ऋण चिह्न अभिकारक के लुप्त होने की दर दर्शाता है। तो X : Y है
दिया गया समीकरण log[-d(A)/dt] = log[-d(B)/dt] + 0.3 अभिकारकों A तथा B के लुप्त होने की दरों को संबंधित करता है। लघुगणकों में 0.3 का अंतर दर्शाता है कि B के लुप्त होने की दर, A के लुप्त होने की दर की 2 गुनी है। अतः रससमीकरणमितीय गुणांक X तथा Y क्रमशः 2 तथा 1 हैं।
किसी रासायनिक अभिक्रिया में अग्र तथा पश्च अभिक्रियाओं की सक्रियण ऊर्जाएँ क्रमशः 30.5 तथा 45.4 KJ/mol हैं। अभिक्रिया है
यदि Ef < Eb हो तो अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी होती है।
प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए t0.5।
PCl5(g) PCl3(g) + Cl2(g) 20 min है। वह समय जिसमें PCl5 की सांद्रता घटकर प्रारंभिक सांद्रता की 25% रह जाती है, लगभग है
K = (2.303/t)log100/25
2.303x0.301/20 = 2.303/tx2x0.301
t = 40 मिनट
अभिक्रिया A + B + C पर विचार कीजिए। यदि A की प्रारंभिक सांद्रता 1 घंटे में 4M से घटकर 2M तथा 0.5 घंटे में 2M से घटकर 1M हो जाती है, तो अभिक्रिया की कोटि है
शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए
K1 = x/t = 2/1 = 2M/h
K2 = x/t = 1/0.5= 2M/h
क्योंकि K1 तथा K2 समान हैं। अतः अभिक्रिया शून्य कोटि का पालन करती है।
एक गैसीय अभिक्रिया A2(g) → B(g) + 1/2C(g) में दाब 5 मिनट में 100 mm से बढ़कर 120 mm हो जाता है। (A2) के लुप्त होने की दर होगी
AZ(g) → B(g) + 1/2C(g)
t = 0 पर 100 0 0
t = 5min पर (100 - x) x x/2
t = 5min पर
100+x/2 = 120
x=40
-dA2/dt = 40/5 = 8mm min-1
हैबर विधि द्वारा अमोनिया के निर्माण से संबंधित एक उत्प्रेरित अभिक्रिया N2+3H2 → 2NH3, में NH3 के प्रकट होने की दर 2.5 x 10-4 mol L-1S-1 मापी गई। H2 के लुप्त होने की दर होगी
N2+3H2 → 2NH3,
-1/3dH2/dt = -1/2dNH3/dt
-dH2/dt = 1/2x3x2.5x10-4
-dH2/dt = 3.75 x 10-4 mol L-1S-1
रासायनिक अभिक्रिया, A उत्पाद के लिए, A की सांद्रता 4 गुना बढ़ाने पर अभिक्रिया की दर दुगुनी हो जाती है। अभिक्रिया की कोटि है
दर ∝ [A]x
1/2 = 2 ∝ (4)x
x = 1/2
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