अभिक्रिया,
X2(g) + 4Y2(g) 2XY4 (g)
के लिए H का मान शून्य से कम है। XY4(g) का निर्माण अनुकूलित होगा
(c) X2(g) + 4Y2(g) 2XY4 (g); जहाँ
H<0 तथा n<0 [n= nP - nR]
... अग्र अभिक्रिया उच्च दाब तथा निम्न ताप पर अनुकूलित होती है। (ले-शातेलिए के सिद्धांत के अनुसार)