रसायन विज्ञान (Chemistry) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

रसायन विज्ञान (Chemistry) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

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निम्न का मान क्या होगा G° इस अभिक्रिया के लिए : Cu+2 + Fe             Fe+2 + Cu , 

यदि ECu+2Cu = +0.34 V and EFe+2Fe = -0.44 V

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Ecell     =ECu+2Cu - EFe+2Fe             =0.34 - (-0.44) = 0.78 V G°  = -n FEcell°            =-2 X 96500 X 0.78            = -150540 J            = -150.54 KJ

298 K पर निम्नलिखित सेल का वि.वा.बल है :-

Pt|H2(1atm)|H(0.02M)||H(0.01M)|H2(1atm)|Pt

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H2  2 H++ 2 e-

 

 

Ecell = Ecell-0.0591nlogHanode2Hcathod2Ecell =0-0.05912log0.0220.012        =-0.05912×0.6        =- 0.017 V

25°C ताप पर Zn इलेक्ट्रोड को जिंक लवण के 0.1M विलयन में रखा जाता है, तो ऑक्सीकरण विभव क्या होगा ? यदि यह माना जाए कि इस तनुता पर लवण 25% वियोजित होता है (EZn2+Zn° = -0.76 V)

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(b) 

Zn+2 + 2e-           ZnEZn+2Zn = EZn+2Zn - 0.05912log 1Zn+2 Zn+2 = 0.1 × 25100 = 0.025 M EZn+2Zn = -0.76-0.05912log10.025                     = -0.76-0.05912×1.602                     = -0.807 V                     = -0.81 V

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड का अपचयन विभव -118mV है, तो विलयन में Hआयन की सांद्रता होगी :-

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2H+ + 2e-        H2ERed = -0.05912log1[H]2 -0.118 = 0.05912log[H]2 log [H] = -0.1180.0591=-2[H] = 0.01

डेनियल सेल से प्राप्त किया जा सकने वाला अधिकतम कार्य क्या होगा -

Zn(s) | Zn+2(aq) || Cu+2(aq) | Cu(s) if EZn+2Zn = -0.76 V and ECu+2Cu = 0.34 V

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Wmax = -G° = nFE°E° = Ecathode° - Eanode      = 0.34 - (-0.76) = 1.1 V Wmax =2 × 96500 ×1.1                =212300 J                =212.3 KJ

CuSO4 विलयन को KCl तथा KI के साथ अलग-अलग अभिकृत किया जाता है। किस स्थिति में Cu+2 अपचयित होकर बनेगा Cu ?

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Cu+2 + KI  CuI2 + K2CuI2  Cu2I2 + I2

जबकि Cu2+ + Kcl ------  CuCl2 + k+

1 mol H2O2 को O2 में ऑक्सीकृत करने के लिए कितने कूलॉम आवश्यक हैं ?

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H2O2           O2 + 2H +2e-

1 mol H2O2 के लिए आवश्यक आवेश = 2 mol e-

  = 2 F

  = 2 X 96500

  = 193000 C

50% धारा दक्षता के साथ 12.3g नाइट्रोबेंज़ीन को ऐनिलीन में अपचयित करने के लिए आवश्यक विद्युत् की मात्रा है :-

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NaCl के गर्म जलीय विलयन का विद्युत्-अपघटन NaClO4 देता है, जैसे-

NaCl +4H2O           NaClO4 + 4H2

1000 g सोडियम परक्लोरेट प्राप्त करने के लिए कितने फैराडे आवश्यक हैं ?

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NaClO4 के तुल्यांकों की संख्या = फैराडे की संख्या अथवा, 100015.13=66F

  [क्योंकि NaClO4 का तुल्यांकी भार = 122.58=15.13]

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है :- 

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4.

मर्करी सेल में, सेल विभव लगभग V होता है तथा इसके जीवनकाल में स्थिर रहता है।

पुनः आवेशन के दौरान सेल विद्युत्-अपघटनी सेल की भाँति कार्य करता है, अर्थात् अब इसे बाहरी स्रोत से विद्युत् ऊर्जा दी जाती है। इलेक्ट्रोड अभिक्रियाएँ निरावेशन के दौरान होने वाली अभिक्रियाओं की विपरीत होती हैं :
कैथोड पर : PbSO4(s) + 2e- → Pb(s) + SO42-(aq)   (अपचयन)
ऐनोड पर : PbSO4(s) + 2H2O → PbO2(s) + SO42-(aq) + 4H+(aq) + 2e-  (ऑक्सीकरण)
__________________________________________________________________________
 
समग्र अभिक्रिया : 2PbSO4(s) + 2H2O → Pb(s) + PbO2(s) + 4H+(aq) + 2SO42-(aq) 

जिंक लोहे से अधिक क्रियाशील है, यह लोहे की तुलना में अधिक सरलता से इलेक्ट्रॉन खोता है। गैल्वनीकृत लोहे की वस्तु में जिंक ऐनोड की भाँति कार्य करता है तथा लोहे को इलेक्ट्रॉन खोने नहीं देता

गैल्वनी तथा विद्युत्-अपघटनी दोनों सेलों में ऑक्सीकरण ऐनोड पर होता है तथा इलेक्ट्रॉन ऐनोड से कैथोड की ओर बहते हैं, और अपचयन कैथोड पर होता है।

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Frequently Asked Questions

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