के लिए सेल EMF mV में ज्ञात कीजिए
यदि के मान पर हैं
(A)
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के लिए सेल EMF mV में ज्ञात कीजिए
यदि के मान पर हैं
(A)
क्यूप्रोसायनाइड के विलयन में से 2hr तक 0.1A धारा प्रवाहित की गई तथा कैथोड पर 0.3745 g कॉपर निक्षेपित हुआ। कॉपर निक्षेपण के लिए धारा दक्षता ज्ञात कीजिए। (Cu – 63.5)
(A)
अम्लीय माध्यम में एक ऑक्सीकारक है। आयन की सांद्रता दुगुनी करने पर, अर्ध-सेल का इलेक्ट्रोड विभव :
(A)
सेल पर विचार कीजिए AgBr तथा AgCl के विलेयता गुणनफल स्थिरांक क्रमशः हैं। आयनों की सांद्रताओं के किस अनुपात पर सेल का वि.वा.बल शून्य होगा ?
(A)
298 K पर सेल का EMF ज्ञात कीजिए
(A) ऐनोड :
कैथोड :
एक सेल Cu में प्रारंभ में तथा आयन हैं। 4825 sec तक 10 amp धारा प्रवाहित करने के बाद सेल विभव में परिवर्तन है :
मोलों की संख्या
अभिकथन : फ्लुओराइडों से रासायनिक ऑक्सीकरण द्वारा फ्लुओरीन नहीं बनाई जा सकती।
कारण : अपने अत्यधिक धनात्मक मानक विभव के कारण फ्लुओरीन प्रबलतम ऑक्सीकारक है।
A). अपने अत्यधिक धनात्मक मानक विभव के कारण फ्लुओरीन प्रबलतम ऑक्सीकारक है। अतः फ्लुओरीन में अपचयित होकर बनने की सर्वाधिक प्रवृत्ति है , फलस्वरूप, आयन में ऑक्सीकृत होने की न्यूनतम प्रवृत्ति है। इसीलिए फ्लुओराइडों से रासायनिक ऑक्सीकरण द्वारा फ्लुओरीन नहीं बनाई जा सकती।
अभिकथन : : सोडियम कमरे के ताप पर जल से अभिक्रिया करता है, जबकि मैग्नीशियम केवल गर्म जल का अपघटन करता है।
कारण : सोडियम, मैग्नीशियम की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है।
(A). सोडियम कमरे के ताप पर जल से अभिक्रिया करता है, जबकि मैग्नीशियम केवल गर्म जल का अपघटन करता है, क्योंकि सोडियम मैग्नीशियम की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है।
अभिकथन : सिल्वर नाइट्रेट विलयन में कॉपर की छड़ रखने पर वह नीला हो जाता है।
कारण : कॉपर, सिल्वर की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है।
(A). सिल्वर नाइट्रेट विलयन में कॉपर की छड़ रखने पर वह नीला हो जाता है क्योंकि कॉपर सिल्वर की अपेक्षा अधिक विद्युत्-धनात्मक है अतः कॉपर सिल्वर नाइट्रेट विलयन से सिल्वर को विस्थापित कर देता है। विलयन में कॉपर का आयनों के रूप में घुलना उसे नीला बना देता है।
किसी अभिक्रिया के लिए [(c0-c)/c] का समय t के सापेक्ष आलेख एक सरल रेखा देता है। c0 तथा c क्रमशः t = 0 तथा t = t पर अभिकारक की सांद्रताएँ हैं। अभिक्रिया की कोटि है :
(d) द्वितीय कोटि की अभिक्रिया के लिए (c0-c)/c = K.t.c0.
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