जब हाइड्रोजन परमाणु अपनी प्रथम उत्तेजित अवस्था में होता है, तो इसकी त्रिज्या [1997] है
हाइड्रोजन और हाइड्रोजन जैसे परमाणु के nवें बोर कक्षा की त्रिज्या
मूल अवस्था के लिए, n = 1
परमाणु क्रमांक, Z = 1
प्रथम उत्तेजित अवस्था के लिए, n = 2
अतः, H-परमाणु में प्रथम उत्तेजित अवस्था की त्रिज्या मूल अवस्था त्रिज्या से 4 गुना होती है।