निम्नलिखित पाँच भौतिक प्राचलों में से किन दो की विमाएँ समान हैं ?
ऊर्जा घनत्व=
अपवर्तनांक की कोई विमाएँ नहीं होतीं।
परावैद्युतांक की कोई विमाएँ नहीं होतीं।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक,
(5) चुंबकीय क्षेत्र,
अतः, विकल्प (c) सही है
NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
निम्नलिखित पाँच भौतिक प्राचलों में से किन दो की विमाएँ समान हैं ?
ऊर्जा घनत्व=
अपवर्तनांक की कोई विमाएँ नहीं होतीं।
परावैद्युतांक की कोई विमाएँ नहीं होतीं।
यंग प्रत्यास्थता गुणांक,
(5) चुंबकीय क्षेत्र,
अतः, विकल्प (c) सही है
किसी वर्नियर कैलिपर में वर्नियर स्केल के N भाग मुख्य स्केल के N-1 भागों से संपाती होते हैं (जिसमें एक भाग की लंबाई 1 mm है)। उपकरण का अल्पतमांक होना चाहिए
अल्पतमांक = 1MSD - 1VSD
वर्नियर कैलिपर के मुख्य स्केल का एक सेंटीमीटर दस बराबर भागों में विभाजित है। यदि वर्नियर स्केल के 10 भाग मुख्य स्केल के 8 छोटे भागों से संपाती होते हैं, तो कैलिपर का अल्पतमांक है:
अ.मां. = 1MSD - 1VSD
10 VSD = 8 MSD
1 VSD = 0.8 MSD
अ.मां. = 1 MSD - 0.8 MSD
= 0.2 MSD
= 0.2 mm अथवा 0.02 cm
किसी तार का व्यास मापने के लिए प्रयुक्त स्क्रू गेज निम्नलिखित पाठ्यांक देता है।
मुख्य स्केल पाठ्यांक = 0mm
वृत्ताकार स्केल पाठ्यांक = 52 भाग
दिया है: मुख्य स्केल पर 1 mm वृत्ताकार स्केल के 100 भागों के संगत है।
उपरोक्त आँकड़ों से तार का व्यास है:
पाठ्यांक = मुख्य स्केल पाठ्यांक (MSR) + वृत्ताकार स्केल पाठ्यांक (CSR)
= 0 + 0.01 mm X 52
= 0.52 mm अथवा 0.052 cm
गेज के वृत्ताकार स्केल के दो पूर्ण चक्कर स्केल पर 1 mm की दूरी तय करते हैं। वृत्ताकार स्केल पर भागों की कुल संख्या 50 है। साथ ही, यह पाया जाता है कि स्क्रू गेज में -0.03 mm की शून्यांक त्रुटि है। किसी पतले तार का व्यास मापते समय एक विद्यार्थी मुख्य स्केल पाठ्यांक 3 mm तथा मुख्य स्केल के साथ रेखा में वृत्ताकार स्केल भागों की संख्या 35 नोट करता है। तार का व्यास है
चूड़ी अंतराल = 0.5 mm
प्रेक्षित पाठ्यांक = MSR + CSR
= 3 mm + 35 X 0.01mm
= 3.35 mm
सही पाठ्यांक = प्रेक्षित पाठ्यांक - त्रुटि
= 3.35 mm - (-0.03 mm)
= 3.38 mm
किसी स्क्रू गेज की चूड़ी अंतराल 1mm है तथा वृत्ताकार स्केल पर 100 भाग हैं। किसी तार का व्यास मापते समय, रैखिक स्केल 1 mm पढ़ता है तथा वृत्ताकार स्केल का 47वाँ भाग संदर्भ रेखा से संपाती होता है। तार की लंबाई 5.6 cm है। उपयुक्त सार्थक अंकों में तार का वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल (cm2 में) ज्ञात कीजिए।
व्यास (d) = 1mm + 0.01 mm X 47
= 1.47 mm
लंबाई (l) = 5.6 cm
वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल A = 2 = 2.586
अंतिम उत्तर में उतने ही सार्थक अंक (S.F.) होने चाहिए जितने सबसे कम सार्थक अंकों वाली राशि में हैं।
d = 1.47 mm ( 3 S.F.)
l = 5.6 cm (2 S.F.)
उत्तर : 2.6 (2 दशमलव स्थानों तक पूर्णांकित)
वर्नियर कैलिपर के मुख्य स्केल का एक cm दस बराबर भागों में विभाजित है। यदि वर्नियर स्केल के 20 भाग मुख्य स्केल के 8 छोटे भागों से संपाती होते हैं। कैलिपर का अल्पतमांक क्या होगा?
(A)
20 VSD = 8 MSD
1 VSD = 0.4 MSD
अ.मां. = 1 MSD - 0.4 MSD
= 0.6 MSD = 0.6 X 1 mm
= 0.6 mm अथवा 0.06 cm
यदि दो सदिशों के योग का परिमाण उन दोनों सदिशों के अंतर के परिमाण के बराबर है, तो इन सदिशों के बीच कोण है
(a)
6 N का एक बल तथा 8 N का दूसरा बल एक साथ लगाकर एकल बल का प्रभाव उत्पन्न किया जा सकता है -
निम्नलिखित में से कौन के लंबवत है ?
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।