एक बल युग्म उत्पन्न करता है: [NTSE 1995; CBSE PMT 1997; DCE 2004]
एक बल युग्म में दो बराबर तथा विपरीत बल होते हैं जो शुद्ध घूर्णी गति उत्पन्न करते हैं।
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एक बल युग्म उत्पन्न करता है: [NTSE 1995; CBSE PMT 1997; DCE 2004]
एक बल युग्म में दो बराबर तथा विपरीत बल होते हैं जो शुद्ध घूर्णी गति उत्पन्न करते हैं।
एक क्षैतिज प्लेटफॉर्म अपने केंद्र से गुजरती ऊर्ध्वाधर अक्ष के चारों ओर एकसमान कोणीय वेग से घूम रहा है। किसी क्षण द्रव्यमान 'm' का एक श्यान द्रव केंद्र पर गिराया जाता है तथा उसे फैलकर अंततः गिरने दिया जाता है। इस अवधि में कोणीय वेग
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार,
I = नियत।
जब द्रव्यमान m का श्यान द्रव गिराया जाता है तथा फैलना प्रारंभ करता है तो उसका जड़त्व आघूर्ण बढ़ता है तथा कोणीय वेग घटता है। परंतु जब वह प्लेटफॉर्म से गिरता है तो जड़त्व आघूर्ण घटता है अतः कोणीय वेग पुनः बढ़ जाता है।
यदि रैखिक संवेग 50% बढ़ा दिया जाए, तो गतिज ऊर्जा कितनी बढ़ेगी
अर्थात्, गतिज ऊर्जा 125% बढ़ेगी।
यदि किसी पिंड की गतिज ऊर्जा 0.1% बढ़ जाए, तो उसके संवेग में प्रतिशत वृद्धि होगी
p में प्रतिशत वृद्धि (E में प्रतिशत वृद्धि)
= (0.1%) = 0.05%
एक ठोस बेलन तथा एक खोखला बेलन, दोनों समान द्रव्यमान तथा समान बाह्य व्यास के, किसी नत तल पर समान ऊँचाई से एक ही समय पर छोड़े जाते हैं। दोनों बिना फिसले लुढ़कते हैं। कौन-सा पहले तली पर पहुँचेगा?
नत तल पर लुढ़कते पिंड का त्वरण है :
ठोस बेलन के लिए समय कम है। वह पहले तली पर पहुँचता है। विकल्प D सही है।
किसी एकसमान वृत्ताकार चकती का किसी व्यास के परितः जड़त्व आघूर्ण I है। उसके तल के लंबवत तथा उसकी परिधि पर स्थित किसी बिंदु से गुजरती अक्ष के परितः उसका जड़त्व आघूर्ण होगा
किसी चकती का किसी व्यास के परितः जड़त्व आघूर्ण =
चकती का उसकी परिधि पर स्थित किसी बिंदु से गुजरती तथा उसके तल के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण
किसी पिंड की घूर्णी गतिज ऊर्जा E है तथा उसका जड़त्व आघूर्ण I है। कोणीय संवेग है
किसी पहिये का कोणीय त्वरण 3.0 rad/ है तथा प्रारंभिक कोणीय चाल 2.00 rad/sec है। 2 sec के समय में वह जितने कोण (रेडियन में) से घूमा है वह है
360 J गतिज ऊर्जा तथा 20 rad/s कोणीय चाल वाले किसी गतिपालक चक्र का जड़त्व आघूर्ण है
3 कणों 10 kg, 20kg तथा 30kg का द्रव्यमान केंद्र (0.0,0) पर है। द्रव्यमान 40 kg का एक कण कहाँ रखा जाना चाहिए ताकि संयुक्त द्रव्यमान केंद्र (3, 3, 3) पर हो?
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