NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

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द्रव्यमान m तथा त्रिज्या R का एक ठोस गोला अपने व्यास के परितः घूम रहा है। समान द्रव्यमान तथा समान त्रिज्या का एक ठोस बेलन भी अपनी ज्यामितीय अक्ष के परितः गोले की कोणीय चाल से दुगुनी कोणीय चाल से घूम रहा है। उनकी घूर्णी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात Esphere/Ecylinder  होगा 

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(b) मुख्य विचार: किसी घूर्णी दृढ़ पिंड की गतिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा=12Iω2

गोले की ∴ KE , Ks=12Iω12

  =12×25mR2ω22=15mR2ω12 

बेलन की गतिज ऊर्जा, Kc=1212mR2ω22=14mR2ω22

 ∴  KsKc=mR2ω125mR2ω124=45ω12ω22

=45ω122ω12=15(given, ω2=2ω1)  

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तीन द्रव्यमान x-अक्ष पर रखे गए हैं:

मूल बिंदु पर 300 g, x= 40 cm पर 500 g तथा

x=70 cm पर 400g। मूल बिंदु से द्रव्यमान

केंद्र की दूरी है 

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xcm=m1x1+m2x2+m3x3m1+m2+m3     =300(0)+500(40)+400(70)300+500+400     =20000+280001200     =40 cm

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किसी घूर्णी पहिये पर स्थित बिंदु की तात्क्षणिक

कोणीय स्थिति समीकरण द्वारा दी गई है

θ(t)=2t3-6t2

पहिये पर बल आघूर्ण शून्य हो जाता है

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प्रश्नानुसार, बल आघूर्ण, τ=0

इसका अर्थ है कि, α=0

  α=d2θdt2

दिया है  θ(t)=2t3-6t2

अतः,  dθdt=6t2-12td2θdt2=12t-12  since, α=d2θdt2=012t-12=0          t=1s

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द्रव्यमान M तथा लंबाई L की किसी पतली एकसमान 

छड़ का उसके मध्य बिंदु से गुजरती तथा उसकी

लंबाई के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण

 I0 है। उसके किसी एक सिरे से गुजरती तथा 

उसकी लंबाई के लंबवत अक्ष के

परितः उसका जड़त्व आघूर्ण है

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जड़त्व आघूर्ण के लिए समांतर अक्ष

प्रमेय। 

  I=ICM+Mh2I=I0+ML22I=I0+ML24

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द्रव्यमान M का कोई पिंड किसी दृढ़ दीवार से वेग v के साथ अभिलंबवत टकराता है तथा उसी वेग से वापस उछलता है। पिंड द्वारा अनुभव किया गया आवेग है

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  आवेग |J|=|∆p|

  =Mv-(-Mv)=2 Mv

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जड़त्व आघूर्ण It वाली एक वृत्ताकार चकती क्षैतिज तल में, अपनी सममिति अक्ष के परितः, नियत कोणीय चाल ωi. से घूम रही है। जड़त्व आघूर्ण Ib वाली एक अन्य चकती घूमती चकती पर समाक्षीय रूप से गिराई जाती है। प्रारंभ में दूसरी चकती की कोणीय चाल शून्य है। अंततः दोनों चकतियाँ नियत कोणीय चाल ωf. से घूमती हैं। प्रारंभ में घूमती चकती द्वारा घर्षण के कारण खोई गई ऊर्जा है 

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ऊर्जा की हानि, ∆E=12Itωi2-12It2ωi2It+Ib

  =12IbItωi2It+Ib

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50 kg द्रव्यमान का एक व्यक्ति गुरुत्वहीन अंतरिक्ष में फर्श से 10m की ऊँचाई पर खड़ा है। वह 0.5 kg द्रव्यमान का एक पत्थर चाल 2 ms-1. से नीचे की ओर फेंकता है। जब पत्थर फर्श पर पहुँचता है, तो फर्श से व्यक्ति की दूरी होगी 

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mr = नियत

  m1r1=m2r2

⇒             r2=m1r1m2

  =0.5×1050=0.1

फर्श से व्यक्ति की दूरी (कुल ऊँचाई)=10+0.1=10.1m.

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यदि F→ स्थिति सदिश r→ वाले किसी कण पर कार्य करने वाला बल है तथा τ→ मूल बिंदु के परितः इस बल का बल आघूर्ण है, तो 

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मुख्य विचार    बल आघूर्ण एक अक्षीय सदिश है अर्थात्, उसकी दिशा सदैव सदिशों r→ तथा F→ वाले तल के लंबवत होती है।

  τ→=r→ × F→

  बल आघूर्ण r→तथा  F→ दोनों के लंबवत है

  ∴  τ→·r→=0  F→·τ→=0

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द्रव्यमान M तथा त्रिज्या R का एक पतला वृत्ताकार वलय अपने तल के लंबवत अक्ष के परितः क्षैतिज तल में नियत कोणीय वेग ω. से घूम रहा है। यदि प्रत्येक द्रव्यमान m की दो वस्तुएँ वलय के किसी व्यास के विपरीत सिरों पर धीरे से जोड़ दी जाएँ, तो वलय जिस कोणीय वेग से घूमेगा वह होगा -

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मुख्य विचार

कोणीय संवेग संरक्षण का नियम लागू कीजिए।

  I1ω1=I2ω2

दी गई स्थिति में 

  I1=MR2

  I2=MR2+2mR2

  ω1=ω

तब  ω2=I1I2ω=MM+2mω

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प्रत्येक द्रव्यमान M तथा लंबाई t की चार सर्वसम पतली छड़ें एक वर्गाकार फ्रेम बनाती हैं। वर्ग के केंद्र से गुजरती तथा उसके तल के लंबवत अक्ष के परितः इस फ्रेम का जड़त्व आघूर्ण है 

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समांतर अक्ष प्रमेय लागू कीजिए तथा कुल जड़त्व आघूर्ण प्रत्येक छड़ के जड़त्व आघूर्ण का योग होगा।

छड़ का उसके द्रव्यमान केंद्र से गुजरती तथा छड़ के लंबवत अक्ष के परितः जड़त्व आघूर्ण + (छड़ का द्रव्यमान) × (दो अक्षों के बीच लंबवत दूरी)

  =Mt212+Mt22=Mt23

निकाय का जड़त्व आघूर्ण = Mt23×4

  =43Mt2

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Frequently Asked Questions

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