द्रव्यमान m तथा त्रिज्या R का एक ठोस गोला अपने व्यास के परितः घूम रहा है। समान द्रव्यमान तथा समान त्रिज्या का एक ठोस बेलन भी अपनी ज्यामितीय अक्ष के परितः गोले की कोणीय चाल से दुगुनी कोणीय चाल से घूम रहा है। उनकी घूर्णी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात होगा
(b) मुख्य विचार: किसी घूर्णी दृढ़ पिंड की गतिज ऊर्जा, गतिज ऊर्जा=
गोले की ,
=
बेलन की गतिज ऊर्जा,