दो कलासंबद्ध स्रोतों द्वारा ध्वनि के व्यतिकरण की परिघटना में यदि उच्चिष्ठ पर तीव्रता तथा निम्निष्ठ पर तीव्रता का अंतर 20dB है, तो दोनों स्रोतों की तीव्रताओं का अनुपात है
चूँकि अंतर डेसिबल(dB) में है, ध्वनि स्तर (प्रबलता) में अंतर 20 dB है
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दो कलासंबद्ध स्रोतों द्वारा ध्वनि के व्यतिकरण की परिघटना में यदि उच्चिष्ठ पर तीव्रता तथा निम्निष्ठ पर तीव्रता का अंतर 20dB है, तो दोनों स्रोतों की तीव्रताओं का अनुपात है
चूँकि अंतर डेसिबल(dB) में है, ध्वनि स्तर (प्रबलता) में अंतर 20 dB है
एक सिरे पर बंद तथा दूसरे सिरे पर खुली किसी नली के दो निकटतम संनादी 220Hz तथा 260Hz हैं। निकाय की मूल आवृत्ति क्या है?
(b)विचार प्रक्रिया
बंद सिरे वाली नली में आवृत्ति
साथ ही, बंद सिरे वाली नली में केवल विषम संनादी विद्यमान होते हैं।
अब, दिए गए दो निकटतम संनादी 220Hz तथा 260Hz आवृत्ति के हैं।
अतः,
अगले संनादी यहाँ उत्पन्न होते हैं,
समी. (ii) में से समी. (i) घटाने पर, हमें प्राप्त होता है
अतः, निकाय की मूल आवृत्ति=
75.0 cm से पृथक स्थिर बिंदुओं के बीच एक डोरी तानी गई है। उसकी अनुनादी आवृत्तियाँ 420 Hz तथा 315 Hz देखी जाती हैं। इन दोनों के बीच कोई अन्य अनुनादी आवृत्ति नहीं है। इस डोरी के लिए न्यूनतम अनुनादी आवृत्ति है
जब किसी डोरी को लंबाइयों के तीन खंडों में विभाजित किया जाता है तो इन तीन खंडों की मूल आवृत्तियाँ क्रमशः हैं। डोरी की मूल आवृत्ति (v) है
डोरी की मूल आवृत्ति
...(i)
समी. (i) से
मूल लंबाई
यहाँ,
किसी सरल आवर्त तरंग का समीकरण
इस प्रकार दिया गया है
जहाँ x तथा y मीटर में हैं तथा t सेकंड
में है। अधिकतम कण वेग तथा तरंग
वेग का अनुपात है
हम जानते हैं कि
220 की चाल से किसी स्थिर वस्तु
की ओर गति करती कोई रेलगाड़ी 1000 Hz
आवृत्ति की ध्वनि उत्सर्जित करती है। वस्तु तक
पहुँचने वाली कुछ ध्वनि प्रतिध्वनि के रूप में
रेलगाड़ी की ओर परावर्तित हो जाती है।
रेलगाड़ी के चालक द्वारा संसूचित प्रतिध्वनि की आवृत्ति है
(वायु में ध्वनि की चाल 330 है)
डॉप्लर विस्थापन से, हम इस स्थिति के लिए जानते हैं
दो तरंगें इन समीकरणों द्वारा निरूपित हैं
तथा
, जहाँ x मीटर में
तथा t सेकंड में है। उनके बीच
कलांतर है
तथा
अथवा
कलांतर
ध्वनि तरंगें गर्म वायु से 350 m/s तथा
पीतल से 3500 m/s की चाल से गमन करती हैं। 700 Hz
की किसी ध्वनि तरंग की तरंगदैर्ध्य जब वह गर्म वायु से
पीतल में प्रवेश करती है :
ध्वनि का वेग v= n
दो कण अगल-बगल दो निकट समांतर सरल रेखाओं के अनुदिश समान आवृत्ति तथा आयामों के साथ दोलन कर रहे हैं। जब उनका विस्थापन आयाम का आधा होता है तब वे विपरीत दिशाओं में गति करते हुए एक-दूसरे को पार करते हैं। दोनों कणों की माध्य स्थितियाँ दोनों कणों के पथों के लंबवत एक सरल रेखा पर स्थित हैं। कलांतर है :
कलांतर
=
कोई अनुप्रस्थ तरंग y= द्वारा निरूपित है। तरंगदैर्ध्य के किस मान के लिए तरंग वेग अधिकतम कण वेग के बराबर होगा?
तरंग वेग
अधिकतम कण वेग
दिया है,
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