"टैंटलम" (Z=73) की आवर्त संख्या तथा वर्ग संख्या क्रमशः हैं :
(c) आवर्त संख्या वर्ग संख्या तत्व
5 7 Tc
6 13 Tl
6 5 Ta
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"टैंटलम" (Z=73) की आवर्त संख्या तथा वर्ग संख्या क्रमशः हैं :
(c) आवर्त संख्या वर्ग संख्या तत्व
5 7 Tc
6 13 Tl
6 5 Ta
तत्व P तथा Q के बारे में निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए :
आवर्त संख्या वर्ग संख्या
P 2 15
Q 3 2
तो P तथा Q तत्वों द्वारा बने यौगिक का सूत्र है :
(c) P त्रिसंयोजी अधातु है Q द्विसंयोजी धातु है अतः यौगिक का सूत्र है।
यदि किसी प्रारूपिक तत्व(तत्वों) की आवर्त संख्या तथा वर्ग संख्या समान हों तो उनकी मूल अवस्था में ऐसे प्रकार के तत्व(तत्वों) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गलत है? (आवर्त संख्या तथा वर्ग संख्या आवर्त सारणी के आधुनिक स्वरूप के अनुसार हैं)
(c) संभावित तत्व आवर्त संख्या वर्ग संख्या इलेक्ट्रॉनिक विन्यास
(i) H 1 1
(ii) Be 2 2
निम्नलिखित परिवर्तनों पर विचार कीजिए:
(i) (ii)
(iii) (iv)
तो दी गई सूचना के अनुसार गलत कथन है:
(d) इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी का क्रम : Cl>F>O
किसी तत्व के लिए द्वितीय इलेक्ट्रॉन लब्धि एन्थैल्पी सदैव धनात्मक होती है।
तीन प्रारूपिक तत्वों की प्रथम तीन आयनन ऊर्जाएँ (kJ/mol में) नीचे दी गई हैं:
तत्व
P 495.8 4562 6910
Q 737.7 1451 7733
R 577.5 1817 2745
तो गलत विकल्प है :
(c) R p-ब्लॉक तत्व है, क्योंकि के बीच अंतर के बीच की तुलना में बहुत अधिक नहीं है
Mg के तथा 178 तथा 348 Kcal हैं। अभिक्रिया,
Mg के लिए आवश्यक ऊर्जा है :
(b) किसी परमाणु से दो इलेक्ट्रॉन (एक-एक करके) हटाने के लिए आवश्यक ऊर्जा = + ।
आकार के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा क्रम सही है?
(D) (1) समइलेक्ट्रॉनी हैं तथा इस प्रकार का क्रम मानते हैं।
Al तृतीय आवर्त से संबंधित है तथा उस पर कोई आवेश नहीं है अतः वह सबसे बड़ा है।
= में से अधिक कोशों की संख्या है जो समइलेक्ट्रॉनी हैं परंतु का नाभिकीय आवेश अधिक है अतः का विकर्ण संबंध है। परंतु में +2 आवेश के कारण वह से छोटा है। अतः सबसे छोटा है।
जैसे-जैसे इलेक्ट्रॉनों की संख्या का ह्रास होता है, संयोजकता कोश इलेक्ट्रॉनों तथा नाभिक के बीच आकर्षण बढ़ता है। इसके परिणामस्वरूप इलेक्ट्रॉन नाभिक के निकट खिंच जाते हैं जिससे आयनों के आकार में संकुचन होता है।
आवर्त में नाभिकीय आवेश बढ़ता है तथा इस प्रकार परमाणुओं का आकार घटता है।
Mg = 160 pm; Al = 143 pm; Si = 118; P = 110 pm.
क्षार धातुओं की स्थिति में, सहसंयोजक लक्षण इस क्रम में घटता है
(d) फजान के नियम के अनुसार,
सहसंयोजक लक्षण
दिए गए विकल्पों में, धनायन समान है परंतु ऋणायन भिन्न हैं। हैलोजनों में आकार का क्रम है
F < Cl < Br < I
सहसंयोजक लक्षण का क्रम है
MI > MBr > MCl > MF
निम्नलिखित में से कौन-सी स्पीशीज़ अस्तित्व में नहीं है?
(b) शून्य बंध कोटि वाले अणु अस्तित्व में नहीं होते।
आण्विक कक्षक सिद्धांत के अनुसार,
निम्नलिखित में से किस स्पीशीज़ में केंद्रीय परमाणु का संकरण अन्य तीन में उपस्थित संकरण के समान नहीं है ?
(c) समान संख्या में संकर कक्षक वाले अणुओं का संकरण तथा संकर कक्षकों की संख्या समान होती है।
जहाँ,
V= केंद्रीय परमाणु के संयोजकता इलेक्ट्रॉनों की संख्या
X = एकसंयोजी परमाणुओं की संख्या
C= धनायन पर आवेश
A = ऋणायन पर आवेश
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