अभिक्रिया,
CH4(g) + 2O2(g) CO2(g) + 2H2O (l),
rH = -170.kJ mol-1
के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?
अभिक्रिया,
CH4 (g) + 2O2(g) CO2 (g) + 2H2O (l) Hr = -170.8 kJ mol-1 के लिए
यह साम्य विषमांगी रासायनिक साम्य का उदाहरण है। अतः, इसके लिए
Kc = [CO2]/[CH4][O2]2 ....(i)
(सांद्रता के आधार पर साम्य स्थिरांक)
अतः, इसमें साम्य पर CO2 (g) तथा H2O (l) की सांद्रताएँ समान नहीं हैं। साम्य स्थिरांक (Kp) = [CO2]/[CH4][O2] सही व्यंजक नहीं है। साम्य पर CH4(g) या O2 (g) मिलाने पर, व्यंजक (i) के अनुसार Kc घटेगा परंतु किसी अभिक्रिया के लिए स्थिर ताप पर Kc स्थिर रहता है, अतः Kc का स्थिर मान बनाए रखने के लिए CO2 की सांद्रता उसी क्रम में बढ़ेगी। अतः CH4 या O2 मिलाने पर साम्य दाईं ओर विस्थापित होगा। यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का उदाहरण है।