प्रारंभ में 1L प्रत्येक आयन तथा युक्त डेनियल सेल द्वारा प्रदत्त विद्युत् की मात्रा (अर्थात् आवेश) ज्ञात कीजिए, जिसे तब तक चलाया जाता है जब तक इसका विभव घटकर 1V न हो जाए। (दिया है :
(C) ऐनोड पर
कैथोड पर :
सेल अभिक्रिया :
जैसे-जैसे सेल से विद्युत् ली जाती है, की सांद्रता घटती है जबकि की बढ़ती है
यदि x वह मात्रा है की, जो Cu में परिवर्तित होती है जब सेल विभव घटकर 1V हो जाता है, तो
बदलने के लिए इलेक्ट्रॉन आवश्यक हैं, अतः सेल से ली गई आवेश की मात्रा