एंजाइम से बंधा तथा उसकी सक्रियता के लिए आवश्यक कार्बनिक पदार्थ कहलाता है:
(a) सह-एंजाइम एक कार्बनिक अप्रोटीनी अणु है जो जैव-रासायनिक अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित करने में एंजाइम अणु से संबद्ध होता है। यह प्रायः कुछ रासायनिक समूहों को देकर या ग्रहण करके क्रियाधार-एंजाइम अन्योन्यक्रिया में भाग लेता है। होलोएंजाइम एंजाइम अणु तथा उसके सह-कारक से बना सम्मिश्र है। इस अवस्था में एंजाइम उत्प्रेरक रूप से सक्रिय होता है। एपोएंजाइम एक निष्क्रिय एंजाइम है जिसे कार्य करने के लिए एक विशिष्ट सह-कारक अणु से संबद्ध होना पड़ता है। आइसोएंजाइम या आइसोजाइम किसी एंजाइम के उन अनेक रूपों में से एक है जो एक ही अभिक्रिया को उत्प्रेरित करते हैं, परंतु क्रियाधार बंधुता तथा एंजाइम-क्रियाधार अभिक्रिया की अधिकतम दर जैसे गुणों में एक-दूसरे से भिन्न होते हैं।