NEET प्रश्न (MCQ) हिंदी में — उत्तर और विस्तृत हल सहित

NEET के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

अपने परभक्षियों के विरुद्ध मोनार्क तितली की रक्षा इसका उदाहरण है:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पाठ समझाता है, 'मोनार्क तितली अपने शरीर में उपस्थित एक विशेष रसायन के कारण अपने परभक्षी (पक्षी) के लिए अत्यधिक अरुचिकर होती है। रोचक बात यह है कि तितली यह रसायन अपनी इल्ली अवस्था में एक विषैले खरपतवार को खाकर अर्जित करती है।'

● ● ● ● ●

परित्यक्त खेतों में उगने वाला खरपतवार Calotropis अत्यधिक विषैले कार्डियक ग्लाइकोसाइड उत्पन्न करता है। यह किसके विरुद्ध पादप की रक्षा का उदाहरण है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

संदर्भ कहता है, 'अनेक पादप ऐसे रसायन उत्पन्न और संचित करते हैं जो खाए जाने पर शाकाहारी को बीमार कर देते हैं... यह पादप अत्यधिक विषैले कार्डियक ग्लाइकोसाइड उत्पन्न करता है और इसीलिए आप इस पादप को कभी किसी मवेशी या बकरी को चरते नहीं देखते।' यह स्पष्ट रूप से शाकाहारिता के विरुद्ध रक्षा का संकेत करता है।

● ● ● ● ●

व्यापक पारिस्थितिक संदर्भ में शाकाहारिता और परभक्षण कैसे संबंधित हैं?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पाठ उल्लेख करता है, 'यद्यपि पादप खाने वाले जंतुओं को शाकाहारी के रूप में अलग वर्गीकृत किया जाता है, व्यापक पारिस्थितिक संदर्भ में वे परभक्षियों से बहुत भिन्न नहीं हैं।' और बाद में, 'पादपों के लिए शाकाहारी ही परभक्षी हैं।'

● ● ● ● ●

कृषि पीड़कों के लिए जैविक नियंत्रण विधियाँ प्रायः किस सिद्धांत पर निर्भर करती हैं?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

पाठ कहता है, 'कृषि पीड़क नियंत्रण में अपनाई गई जैविक नियंत्रण विधियाँ शिकार समष्टि को नियमित करने की परभक्षी की क्षमता पर आधारित हैं।' इसका उदाहरण एक शलभ द्वारा नागफनी कैक्टस का नियंत्रण है।

● ● ● ● ●

कौन-सी अन्योन्यक्रिया इस बात से अभिलक्षित है कि एक जाति को लाभ और दूसरी को हानि होती है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

सारणी और पाठ परभक्षण को ऐसी अन्योन्यक्रिया के रूप में स्पष्ट परिभाषित करते हैं जहाँ '+' (लाभ) और '-' (हानि) होती है। 'परजीविता और परभक्षण दोनों में केवल एक जाति को लाभ होता है (क्रमशः परजीवी और परभक्षी) और अन्योन्यक्रिया दूसरी जाति के लिए हानिकारक होती है (क्रमशः परपोषी और शिकार)।'

● ● ● ● ●

'सभी जंतु अपनी भोजन आवश्यकताओं के लिए (प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से) पादपों पर निर्भर हैं' — यह कथन संकेत करता है कि:

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

यह कथन पारितंत्रों को ऊर्जा देने में पादपों (उत्पादकों) की आधारभूत भूमिका को रेखांकित करता है। जंतु (उपभोक्ता) अपनी ऊर्जा या तो सीधे पादपों से (शाकाहारी) या पादप खाने वाले अन्य जंतुओं का उपभोग करके परोक्ष रूप से (मांसाहारी) प्राप्त करते हैं। यह पादपों को खाद्य शृंखला के आधार पर रखता है।

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन-सा कथन रासायनिक गुणों के अनुसार कार्बोहाइड्रेट को सही परिभाषित करता है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT पाठ कहता है: 'रासायनिक रूप से कार्बोहाइड्रेटों को प्रकाशिक सक्रिय पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन या ऐसे यौगिकों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जो जल-अपघटन पर ऐसी इकाइयाँ देते हैं।' यह परिभाषा विकल्प o1 से मेल खाती है।

● ● ● ● ●

ऐसीटिक अम्ल (CH$_3$COOH) का आणविक सूत्र C$_2$(H$_2$O)$_2$ है। सामान्य सूत्र C$_x$(H$_2$O)$_y$ में फिट होने के बावजूद इसे कार्बोहाइड्रेट के रूप में वर्गीकृत क्यों नहीं किया जाता?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT पाठ उल्लेख करता है कि ऐसीटिक अम्ल (CH$_3$COOH) सूत्र C$_2$(H$_2$O)$_2$ में फिट होता है परंतु 'कार्बोहाइड्रेट नहीं है।' कार्बोहाइड्रेटों की रासायनिक परिभाषा कहती है कि वे 'प्रकाशिक सक्रिय पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन या ऐसे यौगिक हैं जो जल-अपघटन पर ऐसी इकाइयाँ देते हैं।' ऐसीटिक अम्ल एक कार्बोक्सिलिक अम्ल है, पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन नहीं, और यह जल-अपघटन पर ऐसी इकाइयाँ नहीं देता।

● ● ● ● ●

निम्नलिखित में से कौन-सा मोनोसैकेराइड का उदाहरण है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT पाठ कार्बोहाइड्रेटों को मोनोसैकेराइड, ऑलिगोसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड में वर्गीकृत करता है। मोनोसैकेराइडों के अंतर्गत यह सूचीबद्ध करता है 'कुछ सामान्य उदाहरण ग्लूकोज, फ्रक्टोज, राइबोज आदि हैं।' सुक्रोज और लैक्टोज डाइसैकेराइड (ऑलिगोसैकेराइड का एक प्रकार) के रूप में सूचीबद्ध हैं, और स्टार्च एक पॉलीसैकेराइड है।

● ● ● ● ●

ऑलिगोसैकेराइडों को मोनोसैकेराइडों से विभेदित करने वाली मुख्य विशेषता क्या है?

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

NCERT पाठ कहता है: 'ऐसा कार्बोहाइड्रेट जिसका पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन की सरल इकाई देने के लिए आगे जल-अपघटन नहीं हो सकता, मोनोसैकेराइड कहलाता है।' ऑलिगोसैकेराइडों के लिए यह कहता है: 'जो कार्बोहाइड्रेट जल-अपघटन पर दो से दस मोनोसैकेराइड इकाइयाँ देते हैं, वे ऑलिगोसैकेराइड कहलाते हैं।'

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर NEET प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।