संपर्क में रखे दो पतले लेंसों पर विचार कीजिए। यदि पहले लेंस द्वारा बना प्रतिबिंब दूसरे लेंस के लिए वस्तु का कार्य करता है, तो यह दूसरे लेंस के लिए किस प्रकार की वस्तु है?
यह प्रश्न संयुक्त लेंस सूत्र की व्युत्पत्ति में प्रयुक्त संकल्पनात्मक सरलीकरण की समझ की जाँच करता है। 'तथापि, यह ध्यान में रखना चाहिए कि पहले लेंस द्वारा प्रतिबिंब बनने की मान्यता केवल अंतिम प्रतिबिंब की स्थिति के निर्धारण को सुगम बनाने के लिए है। वास्तव में, पहले लेंस से निर्गत किरणों की दिशा उस कोण के अनुसार रूपांतरित हो जाती है जिस पर वे दूसरे लेंस से टकराती हैं।'