Electrochemistry NEET प्रश्न हिंदी में — रसायन विज्ञान (Chemistry) MCQ उत्तर सहित

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शुष्क सेल बैटरियों में प्रयुक्त विध्रुवक है : 

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(b) लेक्लांशे सेल में MnO2

अक्रिय Pt इलेक्ट्रोड का उपयोग करके CuSO4 के जलीय विलयन का विद्युत्-अपघटन करने पर ऐनोड पर होने वाली अभिक्रिया :

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ऐनोड पर केवल ऑक्सीकरण होता है। साथ ही H2O का निर्वहन विभव इससे कम होता है : SO42-

तनुकरण के साथ प्रबल विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता में वृद्धि मुख्यतः किसके कारण होती है

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(a) λeq = k × V = k × 1000Normality

तनुकरण पर, प्रति cm3 धारावाही कणों की संख्या घटती है परन्तु विलयन का आयतन बढ़ता है। फलस्वरूप आयनिक गतिशीलता बढ़ती है, जिससे प्रबल विद्युत्-अपघट्य की तुल्यांकी चालकता बढ़ जाती है।

सेल TI|TI+(0.001M)||Cu2+(0.1M)|Cu के लिए, Ecell

25°C पर 0.83 V है। Ecell बढ़ाया जा सकता है :

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प्रयुक्त अवधारणा : नर्न्स्ट समीकरण

Tl/ Tl+ (0.001M)/l Cu2+ (0.1 M)/ Cu

  Ti Ti++e-] ×2Cu2++2e-Cu__________________2Ti + Cu2+  2Ti++Cu

इस सेल के लिए नर्न्स्ट समीकरण :

Ecell-Ecello-0.059n10g [Ti+]2[Cu2+]

यदि Cu2+ आयन सांद्रता  तो :

0.059 n log [Ti+]2Cu2+

परन्तु कुल मिलाकर Ecell0-0.059n बढ़ता है

अतः Ecell बढ़ता है

अतः Cu2+ आयन सांद्रता बढ़ाने पर 

Ecell बढ़ता है।

 

प्लैटिनम तार को pH = 10 वाले HCl के विलयन में डुबोकर तथा 1 atm दाब पर प्लैटिनम तार के चारों ओर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करके एक हाइड्रोजन गैस इलेक्ट्रोड बनाया जाता है। इलेक्ट्रोड का ऑक्सीकरण विभव होगा

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(b) हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के लिए, ऑक्सीकरण अर्ध-अभिक्रिया है 

H2 2H+ +2e-

यदि pH = 10

H+ = 1x10-PH = 1x10-10

नर्न्स्ट समीकरण से, 

Ecell = Ecell - (0.0591/2) log[H+]2/PH2

हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड के लिए, Ecell = 0

Ecell = - (0.0591/2) log[10-10]2/1

= +(0.0591x2/2) log 1/10-10

= 0.0591 log 1010

= 0.0591 x 10 = 0.591V

Al का परमाणु द्रव्यमान 27 है। जब Al3+ आयनों के विलयन में से 5 फैराडे धारा प्रवाहित की जाती है, तो निक्षेपित Al का द्रव्यमान है :

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प्रयुक्त अवधारणा : फैराडे का प्रथम नियम :

w = z x Q

w=E96500×5×96500  [1F=96500 C]

w=27396500×5×96500w=27×53

w= 45 g

विलयन में Cu+(aq) अस्थायी है तथा निम्न अभिक्रिया के अनुसार एक साथ ऑक्सीकरण एवं अपचयन दर्शाता है 

2Cu+(aq) Cu2+(aq) + Cu(s)

उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए सही E0 चुनिए यदि E0cu2+/cu = 0.34 V and E0cu2+/cu+ = 0.15 V 

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(C) -G0= nFE0

दिए गए आंकड़ों से, 

(i) Cu(s) → Cu2+(aq) + 2e-

  -G01= -2(-0.34)xF

(ii) Cu2+(aq) +e→ Cu+(aq) 

  -G02= -1(-0.15)xF

जोड़ने पर 

Cu(s) → Cu+(aq) + e-

  -G03= -1xE0xF

 -G03 =  G01+-G02

-n3FE0 = - n1FE01-n2FE2

-E0 = -2(-0.34) - 1(0.15)

= (-2x-0.34) +(-1 x 0.15)

-E0 = +0.68 - 0.15 = 0.53

E0 = 0.53V

अभिक्रिया 2Cu+(aq) ⇌Cu2+(aq) + Cu(s)

अतः Cu+(aq) + e-  ⇌ Cu(s)  E0 = 0.53V

Cu+(aq) ⇌ Cu2+(aq) +e-  E0 = -0.15V

2Cu+(aq) ⇌Cu2+(aq) + Cu(s)  E0 = +0.38V

 

अभिक्रिया से उपलब्ध सूचना के आधार पर।

43Al + O2           23Al2O3, G =-827kJ mol-1 

O2 की, Al2O3 का विद्युत्-अपघटन करने के लिए आवश्यक न्यूनतम EMF है (F=96500 C mol-1

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(a) 

43Al + O2           23Al2O3G=-nEF-827 × 103 J =-4 ×E×96500                       E = 827 × 1034×96500                      E = +2.14 V

 

n = 4, क्योंकि Al 0 से Al +3 तक 3 इलेक्ट्रॉन खोए जाते हैं, अतः 4/3 ऐलुमिनियम खोएगा, 4/3x 3 = 4

एक निश्चित धारा 2 hr में 0.504 g हाइड्रोजन मुक्त करती है। उसी धारा को उतने ही समय तक CuSO4 विलयन में प्रवाहित करने पर कितने ग्राम कॉपर मुक्त होगा?

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कॉपर धातु द्वारा सिल्वर आयनों के अपचयन के लिए 250C पर मानक सेल विभव + 0.46 V पाया गया। मानक गिब्ज़ ऊर्जा, -ΔGका मान होगा (F = 96500 Cmol-1)

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(a) हम जानते हैं कि, मानक गिब्ज़ ऊर्जा,

∆G0= -nFE0cell

सेल अभिक्रिया के लिए, 

2Ag++ Cu  Cu2++ 2Ag

∆E0cell= +0.46V

∆G0= -nFE0cell

n=2

∆G0= -2x96500x0.46

= -88780J

= - 88.7 KJ

=-89.0 KJ

 

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