Electromagnetic Waves NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

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मैक्सवेल के समीकरणों के आधार पर निर्वात में प्रकाश की चाल क्या है?

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निर्वात में विद्युत चुंबकीय तरंग की चाल 'c' का $\mu_0$ और $\epsilon_0$ (मुक्त आकाश के पारगम्यता और विद्युतशीलता स्थिरांक) से संबंध $c = 1/\sqrt{\mu_0\epsilon_0}$ है। (संदर्भ: 'निर्वात में विद्युत चुंबकीय तरंग की चाल c का \mu_0 और \epsilon_0 (मुक्त आकाश के पारगम्यता और विद्युतशीलता स्थिरांक) से संबंध इस प्रकार है: $c = 1/\sqrt{\mu_0\epsilon_0}$।')

विद्युत और चुंबकत्व को एकीकृत करने तथा विद्युत चुंबकीय तरंगों की भविष्यवाणी करने के लिए मैक्सवेल ने कौन-सी मूलभूत संकल्पना प्रस्तुत की?

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समय के साथ परिवर्ती क्षेत्रों से निपटते समय ऐम्पियर के परिपथीय नियम की एक असंगति दूर करने के लिए मैक्सवेल ने विस्थापन धारा की संकल्पना प्रस्तुत की, जिससे विद्युत चुंबकीय तरंगों की भविष्यवाणी हुई। (संदर्भ: 'इस असंगति को दूर करने के लिए उन्होंने एक अतिरिक्त धारा के अस्तित्व का सुझाव दिया, जिसे उन्होंने विस्थापन धारा कहा।')

एक दोलायमान आवेश एक दोलायमान विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, जो बदले में एक दोलायमान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। क्षेत्रों का यह निरंतर पुनर्जनन किसकी विशेषता है:

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जब कोई दोलायमान आवेश (त्वरित आवेश) एक दोलायमान विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, तो वह आगे एक दोलायमान चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है, जो बदले में एक दोलायमान विद्युत क्षेत्र का स्रोत बनता है, और यह क्रम चलता रहता है। यह स्व-पोषित दोलन ही विद्युत चुंबकीय तरंगों के संचरण का तरीका है। (संदर्भ: 'इस प्रकार दोलायमान विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र, कहें तो, तरंग के आकाश में संचरण के साथ एक-दूसरे को पुनर्जनित करते रहते हैं।')

विद्युत चुंबकीय तरंग के लिए निर्वात में कोणीय आवृत्ति ($\omega$), तरंग सदिश के परिमाण (k) और प्रकाश की चाल (c) को जोड़ने वाला संबंध है:

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$E_x$ और $B_y$ के लिए मैक्सवेल के समीकरणों का उपयोग करने पर पाया जाता है कि $\omega = ck$। यह तरंगों के लिए मानक संबंध है। (संदर्भ: '$E_x$ और $B_y$ के लिए समीकरणों [8.7(a) और (b)] तथा मैक्सवेल के समीकरणों का उपयोग करने पर पाया जाता है कि $\omega = ck$, जहाँ, $c = 1/\sqrt{\mu_0\epsilon_0}$ [8.9(a)]')

मैक्सवेल के समीकरण, लोरेंज़ बल सूत्र के साथ मिलकर, गणितीय रूप से किसके सभी मूलभूत नियमों को व्यक्त करते हैं:

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मैक्सवेल ने विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों तथा उनके स्रोतों, आवेश और धारा घनत्वों, से संबंधित समीकरणों का एक समुच्चय प्रतिपादित किया। ये समीकरण मैक्सवेल के समीकरण कहलाते हैं। लोरेंज़ बल सूत्र (अध्याय 4) के साथ मिलकर ये विद्युत चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को गणितीय रूप से व्यक्त करते हैं। (संदर्भ: 'मैक्सवेल ने विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों तथा उनके स्रोतों, आवेश और धारा घनत्वों, से संबंधित समीकरणों का एक समुच्चय प्रतिपादित किया... लोरेंज़ बल सूत्र (अध्याय 4) के साथ मिलकर ये विद्युत चुंबकत्व के सभी मूलभूत नियमों को गणितीय रूप से व्यक्त करते हैं।')

हर्ट्ज़ ने प्रयोगात्मक रूप से विद्युत चुंबकीय तरंगों के अस्तित्व का प्रदर्शन किस वर्ष किया:

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कुछ मीटर की कोटि की तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें सर्वप्रथम 1887 में हर्ट्ज़ द्वारा प्रयोगशाला में उत्पन्न और संसूचित की गईं। इस प्रकार उन्होंने मैक्सवेल के समीकरणों की एक मूलभूत भविष्यवाणी को सत्यापित किया। (संदर्भ: 'कुछ मीटर की कोटि की तरंगदैर्ध्य वाली विद्युत चुंबकीय तरंगें सर्वप्रथम 1887 में हर्ट्ज़ द्वारा प्रयोगशाला में उत्पन्न और संसूचित की गईं।')

विद्युत चुंबकीय तरंगों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

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विद्युत चुंबकीय तरंगें विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के स्व-पोषित दोलन हैं। उन्हें द्रव्यात्मक माध्यम की आवश्यकता नहीं होती और वे निर्वात में भी संचरित होती हैं; वे अनुप्रस्थ तरंगें हैं। विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र दिक् और काल में ज्यावक्रीय रूप से दोलन करते हैं, एक-दूसरे के लंबवत होते हैं और संचरण की दिशा के भी लंबवत होते हैं। (संदर्भ: 'वे मुक्त आकाश, या निर्वात, में विद्युत और चुंबकीय क्षेत्रों के स्व-पोषित दोलन हैं। वे अब तक अध्ययन की गई अन्य सभी तरंगों से इस अर्थ में भिन्न हैं कि इनमें कोई द्रव्यात्मक माध्यम सम्मिलित नहीं है... दोलायमान विद्युत और चुंबकीय क्षेत्र... एक-दूसरे के और विद्युत चुंबकीय तरंग के संचरण की दिशा के लंबवत होते हैं।')

जब कोई विद्युत चुंबकीय तरंग किसी दोलायमान आवेश द्वारा उत्पन्न होती है, तो उसकी आवृत्ति का क्या होता है?

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एक दोलायमान आवेश एक दोलायमान विद्युत क्षेत्र उत्पन्न करता है, जिससे विद्युत चुंबकीय तरंग बनती है। विद्युत चुंबकीय तरंग की आवृत्ति स्वाभाविक रूप से आवेश की दोलन आवृत्ति के बराबर होती है। (संदर्भ: 'विद्युत चुंबकीय तरंग की आवृत्ति स्वाभाविक रूप से आवेश की दोलन आवृत्ति के बराबर होती है।')

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Frequently Asked Questions

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