श्रेणी LCR परिपथ की अनुनादी आवृत्ति ($\omega_0$) दी जाती है:
अनुनादी आवृत्ति का सूत्र '$\omega_0 = 1/\sqrt{LC}$' के रूप में दिया गया है, जब $X_L = X_C$ या $\omega L = 1/\omega C$।
Alternating Current (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
श्रेणी LCR परिपथ की अनुनादी आवृत्ति ($\omega_0$) दी जाती है:
अनुनादी आवृत्ति का सूत्र '$\omega_0 = 1/\sqrt{LC}$' के रूप में दिया गया है, जब $X_L = X_C$ या $\omega L = 1/\omega C$।
यदि श्रेणी LCR परिपथ में प्रेरकीय प्रतिघात ($X_L$) धारितीय प्रतिघात ($X_C$) से अधिक है, तो परिपथ को मुख्यतः कहा जाता है:
पाठ कहता है, 'यदि $X_C < X_L$, तो $\phi$ ऋणात्मक होता है और परिपथ मुख्यतः प्रेरकीय होता है। परिणामस्वरूप, परिपथ में धारा स्रोत वोल्टता से पश्चगामी होती है।'
श्रेणी LCR परिपथ में, अनुनाद पर, परिपथ की प्रतिबाधा (Z) क्या होती है?
अनुनाद पर, $X_L = X_C$, इसलिए प्रतिबाधा सूत्र $Z = \sqrt{R^2 + (X_L - X_C)^2}$ सरल होकर $Z = \sqrt{R^2 + 0^2} = R$ बन जाता है।
एक श्रेणी LCR परिपथ को किसी विशेष रेडियो स्टेशन को प्राप्त करने के लिए एक विशिष्ट आवृत्ति पर समस्वरित किया जाता है। यह घटना किसका उदाहरण है?
NCERT पाठ वर्णन करता है, 'अनुनादी परिपथों के विविध अनुप्रयोग हैं, उदाहरण के लिए रेडियो या TV सेट की समस्वरण (ट्यूनिंग) व्यवस्था में। ... समस्वरण में हम समस्वरण परिपथ में संधारित्र की धारिता को इस प्रकार बदलते हैं कि परिपथ की अनुनादी आवृत्ति प्राप्त रेडियो संकेत की आवृत्ति के लगभग बराबर हो जाए। जब ऐसा होता है, तो परिपथ में उस विशेष रेडियो स्टेशन के संकेत की आवृत्ति वाली धारा का आयाम अधिकतम होता है।'
जब श्रेणी LCR परिपथ अनुनाद में होता है, तो कुल स्रोत वोल्टता किस अवयव के सिरों पर प्रकट होती है?
अनुनाद पर, 'L और C के सिरों की वोल्टताएँ एक-दूसरे को निरस्त करती हैं... और धारा आयाम $v_m/R$ होता है, कुल स्रोत वोल्टता R के सिरों पर प्रकट होती है।'
यदि किसी तंत्र को चलाने वाले ऊर्जा स्रोत की आवृत्ति उसकी प्राकृतिक आवृत्ति के निकट हो, तो दोलन के आयाम पर क्या प्रभाव पड़ता है?
पाठ अनुनाद की व्याख्या करता है, 'यदि ऐसे तंत्र को किसी ऊर्जा स्रोत द्वारा प्राकृतिक आवृत्ति के निकट की आवृत्ति पर चलाया जाए, तो दोलन का आयाम बड़ा पाया जाता है।'
$L = 1.00 \text{ mH}$ और $C = 1.00 \text{ nF}$ वाले एक श्रेणी LCR परिपथ पर विचार कीजिए। इसकी अनुनादी कोणीय आवृत्ति क्या है?
अनुनादी कोणीय आवृत्ति $\omega_0 = 1/\sqrt{LC}$ द्वारा दी जाती है। दिया है $L = 1.00 \text{ mH} = 1.00 \times 10^{-3} \text{ H}$ और $C = 1.00 \text{ nF} = 1.00 \times 10^{-9} \text{ F}$। अतः, $\omega_0 = 1/\sqrt{(1.00 \times 10^{-3}) \times (1.00 \times 10^{-9})} = 1/\sqrt{1.00 \times 10^{-12}} = 1/(1.00 \times 10^{-6}) = 1.00 \times 10^6 \text{ rad/s}$।
श्रेणी LCR परिपथ में, यदि $R = 100 \Omega$, $L = 1.00 \text{ mH}$ और $C = 1.00 \text{ nF}$, तथा आरोपित वोल्टता आयाम $v_m = 100 \text{ V}$ है, तो अनुनाद पर शिखर धारा ($i_m$) क्या है?
अनुनाद पर, शिखर धारा $i_m = v_m/R$। दिया है $v_m = 100 \text{ V}$ और $R = 100 \Omega$। अतः, $i_m = 100 \text{ V} / 100 \Omega = 1 \text{ A}$। दिया गया पाठ इन मानों के लिए विशेष रूप से यह भी कहता है: 'चूँकि अनुनाद पर $i_m = v_m/R$, स्थिति (i) के लिए धारा आयाम स्थिति (ii) के लिए धारा आयाम का दुगुना है।'
अनुनाद पर श्रेणी LCR परिपथ में धारा और वोल्टता के बीच कला संबंध है:
अनुनाद पर, $X_L = X_C$, जिसका अर्थ है $(X_L - X_C) = 0$। $\tan \phi = (X_L - X_C)/R$ से हमें $\tan \phi = 0$ प्राप्त होता है, अतः $\phi = 0$। इसका तात्पर्य है कि धारा और वोल्टता समान कला में हैं।
जब संधारित्र के सिरों पर AC वोल्टता $v = v_m \sin(\omega t)$ आरोपित की जाती है, तो परिपथ में तात्क्षणिक धारा $i$ दी जाती है:
दिए गए संदर्भ से, विशेष रूप से समीकरण 7.16, संधारित्र पर आरोपित AC वोल्टता के लिए धारा $i = i_m \sin(\omega t + \pi/2)$ द्वारा दी जाती है। यह इंगित करता है कि धारा वोल्टता से $\pi/2$ (या 90 डिग्री) कला से अग्रगामी है।
Ready to ace NEET?
Free access · No credit card required
हाँ। इस पेज के हर Alternating Current प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।
नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।
इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।