Gravitation NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

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कोई उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर त्रिज्या R की वृत्ताकार कक्षा में प्रतिदिन एक परिक्रमा करते हुए घूमता है। वृत्ताकार कक्षा में गति करता दूसरा उपग्रह पृथ्वी के चारों ओर 8 दिन में एक बार घूमता है। दूसरे उपग्रह की कक्षा की त्रिज्या है -

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(b)  दिया है, T1=1 दिन तथा T2=8 दिन

  ∴T2T1=r2r132⇒r2r1=T2T123=8123=4⇒r2=4r1=4R

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पृथ्वी की सतह से किस ऊँचाई पर गुरुत्वीय विभव तथा g का मान क्रमशः -5.4×107J kg-2 तथा 6.0 ms-2 हैं? (पृथ्वी की त्रिज्या 6400 km लीजिए।)

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(d) पृथ्वी की सतह से किसी ऊँचाई h पर गुरुत्वीय विभव इस प्रकार दिया जाता है

  V=-GMR+h  ...(i)

तथा पृथ्वी की सतह से किसी ऊँचाई h पर गुरुत्वीय त्वरण इस प्रकार दिया जा सकता है

  g'=GMR+h2  ...(ii)

समी.(i) तथा (ii) से, हमें प्राप्त होता है 

  Vg'=GMR+h×R+h2GM  

  ⇒Vg'=R+h  ...(iii)

∵       V=5.4×107J kg-2and g'=6.0 ms-2

पृथ्वी की त्रिज्या, R=6400 km.

इन मानों को समी. (iii) में रखने पर, हमें प्राप्त होता है 

  5.4×1076.0=R+h⇒9×106=R+h⇒           h=9-6.4×106=2.6×106m⇒           h=2600 km

 

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पृथ्वी पर पलायन वेग ve तथा ऐसे ग्रह पर पलायन वेग vp जिसकी त्रिज्या तथा औसत घनत्व पृथ्वी के दुगुने हैं, का अनुपात है

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(a) चूँकि, पृथ्वी का पलायन वेग इस प्रकार दिया जा सकता है

  ve=2gR=R83πGρ   ρ=density of earth

  ⇒    ve=R83πGρ  ...(i)

चूँकि दिया गया है कि ग्रह की त्रिज्या तथा औसत घनत्व पृथ्वी के दुगुने हैं। अतः, ग्रह पर पलायन वेग होगा

     vp=2R83πG2ρ  ...(ii) 

समी. (i) को समी.(ii) से भाग देने पर, हमें प्राप्त होता है

      vevp=R83πGρ2R83πG(2ρ)⇒vevp=122

 

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कोई भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से 5R ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से 2R ऊँचाई पर किसी अन्य उपग्रह का आवर्तकाल घंटों में है 

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केप्लर के तृतीय नियम से

  T2∝r3

अतः, T12∝r13

तथा  T22∝r23

अतः,  T22T12=r23r13

  =3R36R3

अथवा  T22T12=18

  T22=18T12

  T2=2422=62h

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यदि ve पलायन वेग है तथा v0 पृथ्वी की सतह के

निकट कक्षा के लिए किसी उपग्रह का कक्षीय

वेग है, तो ये इस प्रकार संबंधित हैं

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उपग्रह का कक्षीय वेग

  vo=GMR  ....(i)

तथा उपग्रह का पलायन वेग

  ve=2GMR  ...(ii)

अतः,   ve=2vo

 

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दीर्घवृत्तीय कक्षा में गति करता कोई ग्रह सूर्य के सर्वाधिक निकट दूरी r1 पर तथा सर्वाधिक दूर दूरी r2 पर होता है। यदि v1 and v2 क्रमशः इन बिंदुओं पर रैखिक वेग हैं, तो अनुपात v1v2 है

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कोणीय संवेग संरक्षण के नियम से 

  mr1v1=mr2v2    r1v1=r2v2      v1v2=r2r1

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पृथ्वी से ऊर्ध्वाधर रूप से प्रक्षेपित कोई पिंड पृथ्वी पर वापस लौटने से पहले पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊँचाई तक पहुँचता है। गुरुत्वीय बल द्वारा लगाई गई शक्ति सर्वाधिक होती है 

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हम जानते हैं

  p=F·v=Fv cos θ

अतः टकराने से ठीक पहले θ शून्य है तथा F तथा v दोनों अधिकतम हैं।

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द्रव्यमान m का कोई कण पृथ्वी की सतह से वेग u के साथ ऊपर की ओर फेंका जाता है। पृथ्वी का द्रव्यमान तथा त्रिज्या क्रमशः M तथा R हैं। G गुरुत्वाकर्षण नियतांक है तथा g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है। u का न्यूनतम मान जिससे कण पृथ्वी पर वापस न लौटे है

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पलायन वेग 

  Ve=2gRVe=2GMR2R                      (∵GM=gR2)Ve=2GMR

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एकसमान घनत्व वाले खोखले गोलीय खोल का द्रव्यमान M और त्रिज्या R है। एक बिंदु द्रव्यमान m खोल के बाहर उसके केंद्र से r दूरी पर रखा है। खोल द्वारा बिंदु द्रव्यमान पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल क्या है?

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NCERT पाठ के अनुसार, 'एकसमान घनत्व वाले खोखले गोलीय खोल और बाहर स्थित बिंदु द्रव्यमान के बीच आकर्षण बल ऐसा है मानो खोल का पूरा द्रव्यमान खोल के केंद्र पर संकेंद्रित हो।' अतः बल $G \frac{Mm}{r^2}$ है।

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एकसमान घनत्व वाले खोखले गोलीय खोल के भीतर एक बिंदु द्रव्यमान m रखा है। खोल द्वारा बिंदु द्रव्यमान पर लगाया गया गुरुत्वाकर्षण बल क्या है?

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जैसा NCERT पाठ में कहा गया है, 'एकसमान घनत्व वाले खोखले गोलीय खोल के कारण उसके भीतर स्थित बिंदु द्रव्यमान पर आकर्षण बल शून्य है।' ऐसा इसलिए है क्योंकि खोल के विभिन्न क्षेत्रों से गुरुत्वाकर्षण बल एक-दूसरे को पूर्णतः निरस्त कर देते हैं।

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Frequently Asked Questions

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