द्रव्यमान तथा के दो पिंड प्रारंभ में अनंत दूरी पर विरामावस्था में हैं। फिर उन्हें पारस्परिक गुरुत्वीय आकर्षण के अधीन एक-दूसरे की ओर गति करने दिया जाता है। उनके बीच पृथकन दूरी r पर उनका सापेक्ष निकटन वेग है
(b) माना एक-दूसरे से r दूरी पर इन द्रव्यमानों के वेग क्रमशः तथा हैं। संवेग संरक्षण से
...(i)
ऊर्जा संरक्षण से
स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तन= गतिज ऊर्जा में परिवर्तन
...(ii)
समीकरण (i) तथा (ii) हल करने पर
तथा