Nuclei NEET प्रश्न हिंदी में — भौतिक विज्ञान (Physics) MCQ उत्तर सहित

Nuclei (Physics) के NEET बहुविकल्पीय प्रश्न हिंदी में मुफ़्त हल करें — तुरंत सही उत्तर और विस्तृत व्याख्या के साथ। लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

सभी Physics Chemistry Botany Zoology
भाषा English हिंदी
Clear Register free for difficulty & keyword filters
● ● ● ● ●

किसी दिए गए नमूने में दो रेडियोऐक्टिव नाभिक P तथा Q क्षय होकर एक स्थायी नाभिक R बनाते हैं। समय t=0 पर, P स्पीशीज़ की संख्या 4N0 है तथा Q की संख्या N0. है। P की अर्ध-आयु (R में परिवर्तन के लिए) 1 min है जबकि Q की 2 min है। प्रारंभ में नमूने में R के कोई नाभिक उपस्थित नहीं हैं। जब P तथा Q के नाभिकों की संख्या बराबर हो, तो नमूने में उपस्थित R के नाभिकों की संख्या होगी: 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

प्रारंभ में P→4N0

  Q→N0

अर्ध-आयु TP→1 min

  TQ→2min

माना समय t के बाद P तथा Q के नाभिकों की संख्या बराबर है अर्थात्,4N021/1=N021/2

4=21/2

22=21/2

t2=2

t=4min

क्षयित नाभिक अथवा R के नाभिक

=4N0-4N024+N0-N022

=4N0-N04+N0-N04

=5N0-N02=92N0

 

● ● ● ● ●

किसी रेडियोऐक्टिव नमूने की सक्रियता t=0 पर N0 गणना प्रति मिनट तथा t=5 min पर N0/e गणना प्रति मिनट मापी जाती है। वह समय (मिनट में) जिस पर सक्रियता घटकर अपने मान की आधी हो जाती है, है 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

n अर्ध-आयुओं के बाद शेष भिन्न 

  NN0=12n=12t/T

दिया है  N=N0e⇒N0eN0=125/T

अथवा  1e=125/T

दोनों पक्षों का लघुगणक लेने पर, हमें प्राप्त होता है 

log 1-log e =5Tlog12

-1=5T-log 2

⇒           T=5loge 2

अब, माना t' वह समय है जिसके बाद सक्रियता घटकर आधी हो जाती है 

  12=12t'/5loge2

⇒    t'=5loge2

 

● ● ● ● ●

किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ द्वारा उत्सर्जित बीटा कणों की संख्या उसके द्वारा उत्सर्जित अल्फा कणों की संख्या की दुगुनी है। परिणामी संतति है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

माना रेडियोऐक्टिव पदार्थ XZA है

रेडियोऐक्टिव संक्रमण इस प्रकार दिया जाता है 

  XZA→  -a     XZ-2A-4→ -2β    XZA-4

समान परमाणु संख्या परंतु भिन्न द्रव्यमान संख्या वाले तत्व के परमाणु समस्थानिक कहलाते हैं।

अतः XZA तथा XZA-4 समस्थानिक हैं।

● ● ● ● ●

 

दो रेडियोऐक्टिव पदार्थ X1 तथा X2 के क्षय नियतांक क्रमशः 5λ तथा λ हैं। यदि प्रारंभ में उनमें नाभिकों की संख्या समान हो तो X1का X2 will be 1eसे अनुपात किसी समय के बाद 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

 

यदि N किसी क्षण उपस्थित रेडियोऐक्टिव नाभिकों की संख्या है, तो

  N=N0e-λt

नियतांक N0 t=0 पर रेडियोऐक्टिव नाभिकों की संख्या निरूपित करता है

अब,  N1N2=e-λ1te-λ2t

अथवा  N1N2=e-5λte-λt=e-4λt

परंतु  N1N2=1e                      as provided

अतः,  1e=1e4λt

अथवा  4λt=1

अथवा  t=14λ

● ● ● ● ●

 

दो नाभिकों की द्रव्यमान संख्याएँ 1:3 के अनुपात में हैं। उनके नाभिकीय घनत्वों का अनुपात होगा 

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

 

नाभिकीय पदार्थ का घनत्व द्रव्यमान संख्या से स्वतंत्र होता है, अतः अभीष्ट अनुपात 1:1 है।

वैकल्पिक:

  A1:A2=1:3

उनकी त्रिज्याएँ इस अनुपात में होंगी 

  R0A11/3:R0A21/3=1:31/3Density= A43πR3∴ P A1 : P A2=143πR03.13=343πR0331/33

उनके नाभिकीय घनत्व समान होंगे।

● ● ● ● ●

यदि किसी रेडियोऐक्टिव पदार्थ का 10% 5 दिनों में क्षय हो जाता है, तो 20 दिनों के बाद शेष मूल पदार्थ की मात्रा लगभग है

You've reached today's free limit of 20 questions. Log in to keep practising for free.
Explanation

(b) N=N0e-λt

∴0.9 N0=N0e-λ×5⇒5λ=loge10.9  ....(i) 

तथा xN0=N0e-λ×20⇒20λ=loge1x  ....(ii)

(i) तथा (ii) को भाग देने पर, हमें प्राप्त होता है

14=loge(1/0.9)loge(1/x)=log10(1/0.9)log10(1/x)=log100.9log10x⇒log10x=4log100.9⇒x=0.658=65.8%

Ready to ace NEET?

Free access · No credit card required

Frequently Asked Questions

हाँ। इस पेज के हर Nuclei प्रश्न को बिना लॉगिन किए मुफ़्त हल किया जा सकता है, और सही उत्तर व विस्तृत व्याख्या तुरंत देखी जा सकती है।

नहीं। प्रश्न हल करने और उत्तर देखने के लिए किसी खाते की आवश्यकता नहीं है। मुफ़्त खाता बुकमार्क, निजी नोट्स और प्रगति ट्रैकिंग जोड़ देता है।

इस प्रश्न बैंक में NEET के पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) और अभ्यास प्रश्न दोनों शामिल हैं — जहाँ लागू हो, हर प्रश्न पर उसका परीक्षा वर्ष अंकित है।