किसी N-P-N ट्रांजिस्टर परिपथ में उत्सर्जक, संग्राहक तथा आधार धाराएँ क्रमशः $I_E, I_C and I_B$ हैं। उनके बीच संबंध है
किसी N-P-N ट्रांजिस्टर परिपथ में उत्सर्जक धारा (I_E) आधार धारा (I_B) तथा संग्राहक धारा (I_C) का योग होती है। अतः सही संबंध $$ I_E = I_B + I_C $$ है, जिसका अर्थ है $$ I_B < I_C < I_E $$।