एक आदर्श प्रशीतक का फ्रीज़र $- 13 ^\circ C $ ताप पर है। , इंजन का निष्पादन गुणांक 5 है। जिस वायु को ऊष्मा त्यागी जाती है उसका ताप होगा।
$ \alpha = { T_2 \over T_1 - T_2 } $
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एक आदर्श प्रशीतक का फ्रीज़र $- 13 ^\circ C $ ताप पर है। , इंजन का निष्पादन गुणांक 5 है। जिस वायु को ऊष्मा त्यागी जाती है उसका ताप होगा।
$ \alpha = { T_2 \over T_1 - T_2 } $
एक कार्नो इंजन ऊष्मा निवेश का छठा भाग कार्य में परिवर्तित करता है। जब सिंक का ताप $ 62 ^\circ C $ घटा दिया जाता है तो इंजन की दक्षता दुगुनी हो जाती है। स्रोत तथा सिंक के ताप हैं
$ (i) n = 1 - { T_2 \over T_1 } = { W \over Q_1} = { 1 \over 6} $ $ \therefore n = { 1 \over 6} - (1) $ $ (ii) n^1 = 1- { T_2 -62 \over T_1}$ $ = 1 - { T_2 \over T_1 } + { 62 \over T_1 } $ $ = n+ { 62 \over T_1 } - (2) $ $ Now , n^1 = 2n$
अभिकथन-कारण अभिकथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चिह्नित कीजिए। अभिकथन : एक बीकर $4 ^\circ C $ पर जल से पूर्णतः भरा है । गर्म करने अथवा ठंडा करने दोनों स्थितियों में वह छलकेगा। कारण : $ 4 ^\circ C $ के नीचे जल का प्रसार होता है
जल का घनत्व $4 ^\circ C $ पर अधिकतम होता है। $ 4 ^\circ C $ से ऊपर गर्म करने अथवा $ 4 ^\circ C $ से नीचे ठंडा करने पर जल का घनत्व घटता है तथा उसका आयतन , अतः दोनों स्थितियों में जल छलकता है।
नगण्य ऊष्मा धारिता वाले एक पात्र में, $0 ^\circ C $ पर 200g बर्फ तथा $ 100 ^\circ C $ पर 100g भाप को 200g जल में मिलाया जाता है जिसका ताप $ 55 ^\circ C $ है । मान लीजिए परिवेश को कोई ऊष्मा नहीं खोई जाती तथा पात्र में दाब नियत 1 atm है। निकाय का अंतिम ताप क्या है ?
बर्फ तथा जल को ऊपर तक जाने के लिए आवश्यक ऊष्मा $ 100^\circ C = m_1L+ m_1 sw \triangle T + mw sw \triangle T$ $ = 200 \times 80+200 \times 1 \times 100+200 \times 1 \times 45 $ $= 16,000+20,000+9,000 = 45,000 cal$ $ = give by m_s mass of steam = ms L$ $ ms = { 45,000 \over 540 } = 83.3 g$ $ convert into waters of 100 ^\circ C $ $ Total water = 200 + 200 + 83.3 = 483.3 g$ $ steam left = 100 - 83.3 = 16.79$
नगण्य ऊष्मा धारिता वाले एक पात्र में, $0 ^\circ C $ पर 200g बर्फ तथा $ 100 ^\circ C $ पर 100g भाप को 200g जल में मिलाया जाता है जिसका ताप $ 55 ^\circ C $ है । मान लीजिए परिवेश को कोई ऊष्मा नहीं खोई जाती तथा पात्र में दाब नियत 1 atm है। अंतिम ताप पर, निकाय में उपस्थित कुल जल का द्रव्यमान है
बर्फ तथा जल को ऊपर तक जाने के लिए आवश्यक ऊष्मा $ 100^\circ C = m_1L+ m_1 sw \triangle T + mw sw \triangle T$ $ = 200 \times 80+200 \times 1 \times 100+200 \times 1 \times 45 $ $= 16,000+20,000+9,000= 45,000 cal$ $= give by m_s mass of steam = ms L$ $ ms = { 45,000 \over 540 } = 83.3 g$ $convert into waters of 100 ^\circ C $ $Total water = 200 + 200 + 83.3 = 483.3 g$ $ steam left = 100 - 83.3 = 16.79$
नगण्य ऊष्मा धारिता वाले एक पात्र में, $0 ^\circ C $ पर 200g बर्फ तथा $ 100 ^\circ C $ पर 100g भाप को 200g जल में मिलाया जाता है जिसका ताप $ 55 ^\circ C $ है । मान लीजिए परिवेश को कोई ऊष्मा नहीं खोई जाती तथा पात्र में दाब नियत 1 atm है। निकाय में शेष बची Sm की मात्रा बराबर है
बर्फ तथा जल को ऊपर तक जाने के लिए आवश्यक ऊष्मा $ 100^\circ C = m_1L+ m_1 sw \triangle T + mw sw \triangle T$ $ = 200 \times 80+200 \times 1 \times 100+200 \times 1 \times 45 $ $= 16,000+20,000+9,000 = 45,000 cal$ $$= give by m_s mass of steam = ms L$$ $$ ms = { 45,000 \over 540 } = 83.3 g$$ $$convert into waters of 100 ^\circ C $$ $$Total water = 200 + 200 + 83.3 = 483.3 g$$ $$steam left = 100 - 83.3 = 16.79$$
जब 2kg द्रव्यमान 50 cm लंबाई की स्प्रिंग से लटकाया जाता है, तो स्प्रिंग 2 cm खिंच जाती है। द्रव्यमान को तब तक नीचे खींचा जाता है जब तक स्प्रिंग की लंबाई 60 cm न हो जाए। इस स्थिति में स्प्रिंग में संचित प्रत्यास्थ ऊर्जा की मात्रा क्या है, यदि $g = 10 m/s^2 $
$ Spring constant K = { F \over x} , U = { 1 \over 2} kx^2 $
यदि किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा 44% बढ़ा दी जाए, तो उसका संवेग बढ़ेगा.......
$E_1 = E and E_2 = 1.44E $ $ Than P \alpha \sqrt E $
10 kg द्रव्यमान का एक बम 4 kg तथा 6 kg द्रव्यमान के 2 टुकड़ों में फट जाता है। 4 kg द्रव्यमान का वेग 1.5 m/s है, तो 6 kg द्रव्यमान की गतिज ऊर्जा है .......
$ m_1 v_1 + m_2 v_2 =0 and ,than K.E = {1 \over 2} m_2 v_2^2 $
(अभिकथन एवं कारण) निम्नलिखित प्रश्नों में अभिकथन तथा कारण दिए गए हैं। प्रत्येक प्रश्न में चार विकल्प हैं। उनमें से एक सही है। अभिकथन : 1000 kwh ऊर्जा का द्रव्यमान तुल्यांक 40 माइक्रोग्राम है। कारण : यह $ E = mc^2 $ से प्राप्त होता है जहाँ $ C = 3 \times 10 ^ 8 m/ s $
अभिकथन यह है कि 1000 kWh ऊर्जा का द्रव्यमान तुल्यांक 40 माइक्रोग्राम है, जो सही है। दिया गया कारण यह है कि यह $E=mc^2$ से प्राप्त होता है, जहाँ $c = 3 imes 10^8 ext{m/s}$। यह भी सही है। द्रव्यमान ज्ञात करने के लिए हम समीकरण $E=mc^2$ का उपयोग करते हैं। $E = 1000 ext{kWh} = 3.6 imes 10^9 ext{J}$ दिया होने पर, हमें $m = rac{E}{c^2} = rac{3.6 imes 10^9}{(3 imes 10^8)^2} = 4 imes 10^{-8} ext{kg} = 40 ext{micrograms}$ प्राप्त होता है। अतः अभिकथन तथा कारण दोनों सत्य हैं, तथा कारण अभिकथन की सही व्याख्या है।
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