कोई भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से 5R ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से 2R ऊँचाई पर किसी अन्य उपग्रह का आवर्तकाल घंटों में है
केप्लर के तृतीय नियम से
अतः,
तथा
अतः,
अथवा
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कोई भूस्थिर उपग्रह पृथ्वी की सतह से 5R ऊँचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा कर रहा है, जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है। पृथ्वी की सतह से 2R ऊँचाई पर किसी अन्य उपग्रह का आवर्तकाल घंटों में है
केप्लर के तृतीय नियम से
अतः,
तथा
अतः,
अथवा
यदि पलायन वेग है तथा पृथ्वी की सतह के
निकट कक्षा के लिए किसी उपग्रह का कक्षीय
वेग है, तो ये इस प्रकार संबंधित हैं
उपग्रह का कक्षीय वेग
....(i)
तथा उपग्रह का पलायन वेग
...(ii)
अतः,
दीर्घवृत्तीय कक्षा में गति करता कोई ग्रह सूर्य के सर्वाधिक निकट दूरी पर तथा सर्वाधिक दूर दूरी पर होता है। यदि क्रमशः इन बिंदुओं पर रैखिक वेग हैं, तो अनुपात है
कोणीय संवेग संरक्षण के नियम से
पृथ्वी से ऊर्ध्वाधर रूप से प्रक्षेपित कोई पिंड पृथ्वी पर वापस लौटने से पहले पृथ्वी की त्रिज्या के बराबर ऊँचाई तक पहुँचता है। गुरुत्वीय बल द्वारा लगाई गई शक्ति सर्वाधिक होती है
हम जानते हैं
अतः टकराने से ठीक पहले शून्य है तथा F तथा दोनों अधिकतम हैं।
द्रव्यमान m का कोई कण पृथ्वी की सतह से वेग u के साथ ऊपर की ओर फेंका जाता है। पृथ्वी का द्रव्यमान तथा त्रिज्या क्रमशः M तथा R हैं। G गुरुत्वाकर्षण नियतांक है तथा g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है। u का न्यूनतम मान जिससे कण पृथ्वी पर वापस न लौटे है
पलायन वेग
किसी गोलीय वस्तु का आयतन प्रत्यास्थता गुणांक B है। यदि उस पर एकसमान दाब p आरोपित किया जाए, तो त्रिज्या में भिन्नात्मक कमी है
(d)वस्तु गोलीय है तथा आयतन प्रत्यास्थता गुणांक B द्वारा निरूपित है। यह अभिलंब प्रतिबल तथा आयतन विकृति का अनुपात है।
अतः
अतः p वस्तु पर आरोपित दाब है तथा है
आयतन विकृति
आयतन में भिन्नात्मक कमी
गोले का आयतन उसकी त्रिज्या में कमी के कारण घटता है।
अतः
किसी तार की लंबाई 1.0 m है तथा अनुप्रस्थ काट का क्षेत्रफल है। यदि 0.2 cm की लंबाई वृद्धि के लिए किया गया कार्य 0.4 joule है, तो तार के पदार्थ का यंग प्रत्यास्थता गुणांक है
(c)
लंबाई L तथा त्रिज्या r का एक तार एक सिरे पर दृढ़ता से बँधा है। तार के दूसरे सिरे को बल F से खींचने पर, उसकी लंबाई में वृद्धि l है। यदि उसी पदार्थ का परंतु लंबाई 2L तथा त्रिज्या 2r का दूसरा तार 2F बल से खींचा जाए, तो उसकी लंबाई में वृद्धि होगी
(a)
अर्थात् उसकी लंबाई में वृद्धि l होगी।
यदि किसी स्प्रिंग को 2 cm खींचने पर उसकी स्थितिज ऊर्जा V है, तो 10 cm खींचने पर उसकी स्थितिज ऊर्जा होगी
(d)
अर्थात् स्प्रिंग की स्थितिज ऊर्जा 25 V होगी
दो तारों के पदार्थ के यंग प्रत्यास्थता गुणांक का अनुपात 2 : 3 है। यदि दोनों पर समान प्रतिबल आरोपित किया जाए, तो प्रति एकांक आयतन प्रत्यास्थ ऊर्जा का अनुपात होगा-
(a)
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