धारिताओं 2C तथा C के दो संधारित्र समांतर क्रम में जोड़े जाते हैं तथा विभव V तक आवेशित किए जाते हैं। बैटरी हटा दी जाती है तथा धारिता C का संधारित्र परावैद्युतांक K के किसी माध्यम से पूर्णतः भर दिया जाता है। अब संधारित्रों के बीच विभवांतर होगा
अब धारिता C का संधारित्र परावैद्युत K से भरा है, अतः C2 = KC
चूँकि आवेश संरक्षित है
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