10 सेमी त्रिज्या की कसकर लिपटी 100 फेरों वाली एक कुंडली में प्रवाहित धारा 7 A है। कुंडली के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण है (दिया है, निर्वात की चुम्बकशीलता $= 4\pi\times 10^{-7}$ SI मात्रक):
$B \approx 4.4$ mT.
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10 सेमी त्रिज्या की कसकर लिपटी 100 फेरों वाली एक कुंडली में प्रवाहित धारा 7 A है। कुंडली के केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र का परिमाण है (दिया है, निर्वात की चुम्बकशीलता $= 4\pi\times 10^{-7}$ SI मात्रक):
$B \approx 4.4$ mT.
नीचे दो कथन दिए गए हैं:
कथन I: परमाणु वैद्युत उदासीन होते हैं क्योंकि इनमें समान संख्या में धनात्मक तथा ऋणात्मक आवेश होते हैं।
कथन II: प्रत्येक तत्व के परमाणु स्थाई होते हैं तथा अपना अभिलाक्षणिक स्पैक्ट्रम उत्सर्जित करते हैं।
उपरोक्त कथनों के आधार पर, नीचे दिए गए विकल्पों में से सबसे उचित उत्तर चुनिए:
दोनों कथन सही हैं।
वह राशियाँ जिनकी विमाएँ घन कोण के समान हैं:
विकृति व कोण दोनों विमाहीन।
यदि मुक्त आकाश में प्रकाश का वेग $c$ है, फोटान के लिए निम्नलिखित में सही कथन है:
A. फोटान की ऊर्जा $E = h\nu$ है।
B. फोटान का वेग $c$ है।
C. फोटान का संवेग $p = \dfrac{h\nu}{c}$ है।
D. फोटान-इलैक्ट्रान संघट्ट में, दोनों कुल ऊर्जा व कुल संवेग संरक्षित रहते हैं।
E. फोटान पर धनात्मक आवेश होता है।
निम्नलिखित विकल्पों से सही उत्तर चुनिए:
फोटान आवेशरहित — E गलत।
एक गोलक को डोरी से क्षैतिज तल में इस प्रकार घुमाया जाता है कि इसकी प्रारम्भिक चाल $\omega$ rpm है। डोरी में तनाव $T$ है। यदि त्रिज्या को समान रखकर चाल $2\omega$ हो जाती है तो डोरी में तनाव होगा:
$4T$.
यदि $x = 5\sin\left(\pi t + \dfrac{\pi}{3}\right)$ m सरल आवर्त गति करते हुए एक कण की गति को प्रदर्शित करती है, गति का आयाम तथा आवर्त काल क्रमशः है:
5 m, 2 s.
एक ऊष्मागतिक निकाय के चक्रीय प्रक्रम $abcda$ से ले जाया जाता है। $bc$ पथ के अनुदिश गैस द्वारा कृत कार्य है:
$W = 0$.
${}^{290}_{82}X \xrightarrow{\alpha} Y \xrightarrow{e^{+}} Z \xrightarrow{\beta^{-}} P \xrightarrow{e^{-}} Q$. उपरोक्त नाभिकीय उत्सर्जन के लिए उत्पाद $Q$ की द्रव्यमान संख्या व परमाणु क्रमांक क्रमशः है:
$(286, 81)$.
समान द्रव्यमान के दो पिण्ड A व B पूर्णतया अप्रत्यास्थ एक विमीय संघट्ट करते हैं। संघट्ट से पूर्व पिण्ड A वेग $v_1$ से गति करता है जबकि पिण्ड B विराम में है। संघट्ट के पश्चात् निकाय का वेग $v_2$ है। अनुपात $v_1 : v_2$ है:
$v_1 : v_2 = 2 : 1$.
निम्नलिखित परिपथ में टर्मिनल $A$ व टर्मिनल $B$ के बीच तुल्य धारिता है:
तुल्य $= 2\,\mu F$.
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