इलेक्ट्रॉन अपवाह के संदर्भ में विश्रांति काल ($\tau$) का क्या महत्त्व है?
विश्रांति काल ($\tau$) को चालक में धनायनों के साथ इलेक्ट्रॉन की क्रमिक टक्करों के बीच के औसत समय के रूप में परिभाषित किया जाता है। NCERT पाठ कहता है, '$t_i$ का औसत मान तब $\tau$ है (जिसे विश्रांति काल कहते हैं)।' (NCERT, पृष्ठ 86)