माना g पृथ्वी की सतह पर गुरुत्वीय त्वरण है तथा k पृथ्वी की घूर्णी गतिज ऊर्जा है। मान लीजिए पृथ्वी की त्रिज्या 2% घट जाती है तथा अन्य सभी राशियाँ समान रहती हैं, तो
$ g = { GM \over R^2 } $ तथा $ k = { L^2 \over 2I } $ यदि पृथ्वी का द्रव्यमान तथा उसका कोणीय संवेग नियत रहता है तो$ g \alpha { 1 \over R^2 } and \;k \alpha { 1 \over R^2 } $ अर्थात् यदि पृथ्वी की त्रिज्या 2% घटती है तो g तथा k दोनों 4% बढ़ जाते हैं