भौतिक विज्ञान (Physics) NEET प्रश्न हिंदी में — उत्तर सहित MCQ अभ्यास

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आपतित प्रकाश किरणों की आवृत्तियों v1 तथा v2 v1>v2 के लिए किसी धात्विक पृष्ठ से प्रकाशविद्युत उत्सर्जन प्रेक्षित होता है। यदि दोनों स्थितियों में उत्सर्जित प्रकाशइलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा के अधिकतम मान 1:k के अनुपात में हैं, तो धात्विक पृष्ठ की देहली आवृत्ति है

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(b) hv-hv0=Kmax का उपयोग करने पर

hv1-v0=K1  .....(i) 

तथा hv2-v0=K2  .....(ii)

v1-v0v2-v0=K1K2=1K, Hence v0=Kv1-v2K-1

हाइड्रोजन तथा हीलियम के अणुओं, जो क्रमशः तापमान 27 °C तथा 127 °C पर हैं, की डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्यों का अनुपात है

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(c) डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य λ=hmvrms, दिए गए तापमान (T) पर किसी गैस कण का वर्ग माध्य मूल वेग इस प्रकार दिया जाता है

12mvrms2=32kTvrms=3kTmmvrms=3mkT λ=hmvrms=h3mkTλHλHe=mHeTHemHTH=4273+1272273+27=83

अभिकथन : धनात्मक किरणों के लिए विशिष्ट आवेश एक अभिलाक्षणिक नियतांक है।
कारण : विशिष्ट आवेश धनात्मक किरणों में उपस्थित धनायनों के आवेश तथा द्रव्यमान पर निर्भर करता है।

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(b) एक गैस के संगत किसी धनायन का विशिष्ट आवेश नियत होता है परंतु वह भिन्न गैसों के लिए भिन्न होता है।

रदरफोर्ड प्रकीर्णन प्रयोग में, संघट्ट प्राचल b = 0 के लिए -प्रकीर्णन हेतु सही कोण क्या होगा?

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 (4)

संघट्ट प्राचल अल्फा कण के वेग सदिश की नाभिक की केंद्रीय रेखा से लंबवत दूरी है जब कण परमाणु के नाभिक से बहुत दूर होता है।

रदरफोर्ड ने विश्लेषणात्मक रूप से संघट्ट प्राचल b तथा प्रकीर्णन कोण θ के बीच संबंध की गणना की, जो इस प्रकार दिया जाता है 

  b = 14πe0· Ze2cotθ2E

जहाँ, E = 12mv2 अल्फा कण की गतिज ऊर्जा है, जब वह परमाणु से बहुत दूर होता है।

प्रश्नानुसार,

  b = 14πe0· Ze2cotθ2E = 0

चूँकि दिया गया है कि b = 0

अतः,  cotθ2 = 0

  θ290

अथवा θ = 180

 

हाइड्रोजन परमाणु मूल अवस्था से मुख्य क्वांटम संख्या 4 तक उत्तेजित किए जाते हैं। तो, प्रेक्षित वर्णक्रमी रेखाओं की संख्या होगी

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हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में प्रेक्षित वर्णक्रमी रेखाओं की संख्या इस प्रकार दी जाती है

  = n(n-1)2 = 4(4-1)2 = 6

जहाँ, n = मुख्य क्वांटम संख्या = कक्षाओं की संख्या।

 

In a hydrogen like atom, when an electron makes transition from thirdexcited state to first excited state, the wavelength of emitted photon isλ1, when the same electron makes a transition from first excited stateto ground state, the wavelength of emitted photon is λ2, the value ofλ1λ2 is-

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21λ = R1n12 - 1n22Case 1:n1 = 2, n2 = 41λ1 = R122 - 142λ1=163RCase 2:n1 = 1, n2 = 21λ2 = R112 - 122λ2=43Rλ1λ2=4

If λ1 be longest wavelength of Lyman series and λ2 be the longest wavelengthof Balmer series for a hydrogen atom. What is the wavelength of photon emittedwhen an electron makes a transition from n = 3 to n = 1 in a hydrogen atom?

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2Lyman series :1λ1 = R112-122Energy of photon E1 = hcλ1Balmer series :1λ2 = R122-132Energy of photon E2 = hcλ2For transition from n= 3 to n=1,E = E32 + E21        = E2  +  E1  hcλ3 = hcλ1 + hcλ2

बामर श्रेणी की अंतिम रेखा तथा लाइमन श्रेणी की अंतिम रेखा की तरंगदैर्ध्यों का अनुपात है: 

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(c) वर्णक्रमी रेखाओं की तरंगदैर्ध्य इस प्रकार दी जाती है 

  1λ=z2R1n12-1n22

बामर श्रेणी की अंतिम रेखा के लिए,  

  n1=2 and n2=

     1λB=z2R122-12=R4         z=1

इसी प्रकार, लाइमन श्रेणी की अंतिम रेखा के लिए,

  n1=1 and n2=

       1λ2=z2R112-12=R

     1λR1λL=4R=14

    λLλB=14 λBλL=4

 

 

 

यदि किसी हाइड्रोजन परमाणु में कोई इलेक्ट्रॉन तीसरी कक्षा से दूसरी कक्षा में कूदता है, तो वह तरंगदैर्ध्य λ का एक फोटॉन उत्सर्जित करता है। जब वह चौथी कक्षा से तीसरी कक्षा में कूदता है, तो फोटॉन की संगत तरंगदैर्ध्य होगी

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(c) मुख्य विचार e- की अतिरिक्त ऊर्जा फोटॉन के रूप में प्रकट होती है।

 रिडबर्ग के सूत्र से,

  1λ=R1n12-1n12=R122-122=5R361λ=R 132-142=7R1441λ/1λ'=5R36+7R144λ'λ=5R36×1447R=207λ'=207λ

हाइड्रोजन परमाणु में इलेक्ट्रॉन पहले तृतीय उत्तेजित अवस्था से द्वितीय उत्तेजित अवस्था में तथा फिर द्वितीय उत्तेजित अवस्था से प्रथम उत्तेजित अवस्था में कूदता है। दोनों स्थितियों में उत्सर्जित तरंगदैर्ध्यों λ1:λ2 का अनुपात है

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यहाँ, तरंगदैर्ध्य λ1 के लिए

n1=4 and n2=3

तथा λ2, n1=3 and n2=2  के लिए

हमारे पास है hcλ=-13.61n22-1n12

अतः, λ1 के लिए

       hcλ1=-13.6142-132

  hcλ1=13.67144                                ...(i)

इसी प्रकार, λ2 के लिए

       hcλ2=-13.6132-122

  hcλ2=13.6536                    ...(ii)

अतः, समी. (i) तथा (ii) से, हमें प्राप्त होता है 

  λ1λ2=207

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