लोहार लकड़ी के पहिए की परिधि पर लोहे की रिंग चढ़ाने से पहले उसे गर्म क्यों करता है?
भूमिका उल्लेख करती है: 'इस क्रम में आप जानेंगे कि लोहार घोड़ागाड़ी के लकड़ी के पहिए की परिधि पर लोहे की रिंग चढ़ाने से पहले उसे गर्म क्यों करते हैं'। यह क्रिया गर्म करने से लोहे की रिंग के प्रसार (तापीय प्रसार) के लिए की जाती है, जिससे वह लकड़ी की परिधि पर चढ़ सके। ठंडा होने पर वह सिकुड़कर कसकर बैठ जाती है।